मेरी चुदाई की दास्तान
Meri chudayi ki dastan – हेल्लो प्यारे पढने वालों. मैं आप की चहेती सेक्सी जूली, पेश करती हूँ अपना एक और चुदाई का कारनामा. ये भाग मुझे पहले लिखना चाहिए था क्यों की इस के बाद की दास्तान मैं पहले ही लिख चुकी हूँ. खैर कोई बात नहीं. मैं जानती हूँ की जब भी लिखूंगी, आप लोगों को पसंद आएगा.
कभी कभी तो मुझे हंसी आ जाती है ये सोच कर के की मेरी तो चुदाई होती है और आप लोग मेरी चुदाई का मज़ा लेते है. मैं कभी भी सच लिखने से पीछे नहीं हटी हूँ भले ही वो सच कितना ही कड़वा हो.
मैं जानती हूँ की बहुत सी लड़कियां होगी जो मेरी तरह चुदाई करवाती है पर कोई भी लड़की अपनी चुदाई की बात को शेयर नहीं करती. मैंने मेरी चुदाई की बात को शेयर किया है और करती रहूंगी.
अब आती हूँ असली कहानी पर …… मज़ा लीजिये …….
Meri chudayi ki kahani.
अपनी पढाई पूरी करने के बाद मैं बिज़नस में पूरी तरह अपने पापा और चाचा का साथ दे रही थी. आप जानते है की मैं जब कॉलेज में थी, तभी से ही बिज़नस में
इंटेरेस्ट लेने लगी थी और मेरी पढाई ख़तम होते होते मैं हमारे products के मार्केटिंग के काम में बहुत होशियार हो गई थी. मैंने विदेश का सफ़र कई बार किया है और अपने दम पर विदेश के लोगों से deal करती हूँ.
एक दिन जब मैं शाम को फार्म हाउस से घर वापस आई तो बहुत थकी हुई थी. मेरे माता – पिता घर पर मेरा इन्रेज़ार कर रहे थे. मैंने उनके साथ चाय पी और नहा कर फ्रेश होने के लिए अपने रूम में आ गई. मैंने अपने सभी कपडे उतारे और नंगी हो कर बाथरूम में आ गई.
आप जानते है की मैं बहुत सेक्सी हूँ और इस लिए नहाते हुए मैं खुद को अपने हाथों से अपनी चूचियां मसलने से नहीं रोक सकी. एक बार तो मैं अपना हाथ अपनी चूत पर भी ले गई पर तुरंत ही हटा लिया क्यों की मैं पहले ही बहुत थकी हुई थी. मैंने देखा की मेरी चूत पर बाल आने चालू हो गए थे. मैं हमेशा अपनी चूत साफ़ रखती हूँ.
चूत पर बाल मुझे पसंद नहीं है. मैंने रात को सोने से पहले अपनी चूत के बालों को साफ करने कि सोची. नहाने के द मैं बाहर आई और अपना सेक्सी गोरा बदन पूंछने के बाद फ्रेश ब्रा और चड्डी पहनी और आराम के लिए ऊपर से गाउन पहन लिया.
मैंने चूत के बाल साफ़ करने की क्रीम तलाश की और उस को अपने पलंग की साइड टेबल पर रखा ताकि रात को उस का इस्तेमाल कर सकूँ. मैंने कुछ देर अपने रूम में ही T.V. देखा और रात का खाना अपने माता – पिता के साथ खाने के लिए नीचे आ गई. मेरे चोदु चाचा अभी तक घर नहीं आये थे और मेरे पापा ने बताया की वो देरी से आने वाले है.
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खाना खाते हुए पापा ने कहा – जुली ! तुम या तुम्हारे चाचा को या दोनों को Italy जाना पड़ेगा. आज ही वहां से buyer का mail आया है की अगले season का बिज़नस discuss करने के लिए और final करने के लिए वो चाहते हैं की
कोई हमारे यहाँ से उन के पास जाये.
मैं बोली – ठीक है पापा . चाचा को आ जाने दो . हम कल decide करलेंगे.
पापा बोले – ठीक है . इतनी भी जल्दी नहीं है . टाइम है हमारे पास .
हम ने dinner ख़तम किया और बातें करने लगे . मेरे पापा ने note किया की मैं थकी हुई थी तो उन्होंने मुझे अपने रूम में जा कर आराम करने को और जल्दी सोने को कहा . जब मैं अपने रूम में जाने के लिए उठी तो मैंने देखा की चाचा की कार हमारे घर के compound के अन्दर आ रही थी .
मैंने सब को good night कहा और अपने रूम में आ गई . मैंने अपना रूम अन्दर से बंद किया और साथ ही बाथरूम भी अपने रूम की तरफ से बंद किया . ( आप को तो पता ही है की मेरे और मेरे माता – पिता के रूम के बीच में common बाथरूम है )
मैंने अपना गाउन उतारा और अपनी ब्रा और चड्डी भी उतारी , एक टॉवेल और कुछ tissue पेपर ले कर अपने पलंग पर आ गई . पीछे तकिया लगा कर , अपने पैर मोड़ कर के चौड़े किये ताकि मैं आराम से बैठी हुई अपनी चूत के बालों पर cream लगा कर साफ़ कर सकूँ .
मैंने अपनी गांड ऊपर करके टॉवेल को अपनी गांड के नीचे रखा और अपनी चूत के बालों पर cream लगाई . अब मुझे थोड़ी देर यूं ही बैठना था ताकि बाल सफा cream अपना काम कर सके .
अपनी चूत पर cream लगाने के बाद मैंने अपने पैरों को फैली position में ही सीधा किया , पलंग के पीछे तकिये पर सिर टिका कर अधलेटी position में आ गई .
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मैं बहुत थकी हुई थी इस लिए जल्दी ही मेरी आँख लग गई . मेरी चूत पर बाल सफा cream लगी हुई थी और मैं उस को साफ़ किये बिना ही सो गई थी .
थोड़े समय के बाद मेरी आँख खुली . रूम की lights on थी , शायद इस लिए मेरी आँख खुल गई थी . मैंने घड़ी देखी तो उस समय 11.00 बजे थे . मैं आधे घंटे सोयी थी . मैंने tissue पेपर लिया और अपनी चूत से cream साफ़ करने लगी .
Cream के साथ बाल भी साफ़ हो गए और मेरी चूत फिर से चिकनी हो गई थी . खड़ी हो कर मैं बाथरूम गई , बाथरूम के अन्दर जा कर सबसे पहले अन्दर से अपने माँ बाप के रूम की तरफ खुलने वाला बाथरूम का दरवाजा अन्दर से बंद किया और tissue पेपर flush करने के बाद अपनी चिकनी चूत को पानी से धो कर cream पूरी तरह साफ़ की .
मेरी रेशमी चूत अब चमक रही थी . मैंने माँ बाप की तरफ खुलने वाले बाथरूम के दरवाजे की कुण्डी फिर से खोली और अपने रूम में आ कर बाथरूम की लाइट बंद करते हुए उसे अपनी तरफ से lock किया .
मैंने टॉवेल से अपनी गीली चूत साफ़ की , रूम की लाइट off की और आदत के मुताबिक नंगी ही पलंग पर सोने की कोशिश करने लगी . एक बार आँख खुलने की वाजाह से दोबारा नींद जल्दी नही आई पर मैं आंखें बन्द किए सोने की कोशिश करने लगी .
थोड़ी देर बाद मैने अपने मा बाप के रूम से आती हुई कुछ आवाज सुनी . मुझे पता चल गया की वहां उन के बीच जरूर चुदाई हो रही थी . ( आप जानते ही है की मैंने अपने माँ बाप को चुदाई करते हुए कई बार देखा है और मैंने चुदाई का पहला पाठ उन की चुदाई देख कर ही सीखा था . )
एक बार तो मैंने सोचा की करने दो उन को अपनी चुदाई , पर क्यों की मुझे नींद नहीं आ रही थी और मुझे हमेशा अपनी माँ को चुदवाते और पापा को चोदते हुए देखने में बहुत मज़ा आता है , मैं बिस्तर से नीचे आ गई और अपनी किस्मत आजमाने की सोची की शायद उन की तरफ का बाथरूम का दरवाजा खुला हो ताकि मैं उन की चुदाई का मज़ा ले सकूँ .
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बिना लाइट चालू किये मैं बाथरूम में आई और उन के दरवाजे की knob घुमाई तो मैं बहुत खुश हो गई . कितनी lucky थी मैं . दरवाजा उन की तरफ से lock नहीं था . मैंने धीरे से , बिना आवाज किये करीब एक इंच दरवाजे को खोला , जो की मैं हमेशा उन को चुदाई करते हुए देखने के लिए करती हूँ . हमेशा की तरह उस दिन भी उन के रूम की लाइट on थी . मेरी तरह मेरे माँ बाप भी लाइट on रख कर चुदाई का मज़ा लेते थे .
मैं तो नंगी थी ही , मैंने देखा की मेरी माँ और पापा भी पूरी तरह नंगे थे . मेरी माँ study table के कोने पर बैठी हुई थी और उन के पैर मेरे पापा की नंगी कमर को पकड़े थे . वो ऐसी position में थे की मैं बाथरूम
से न तो माँ की चूत देख पा रही थी और न ही पापा का लंड देख पा रही थी . जो मैं देख सकती थी , वो थी माँ की चूचियां और पापा की गांड . पापा ने माँ के दोनों पैर अपने हाथों से पकड़े हुए थे और उन का लंड मेरी माँ की चूत में था .
मैं बहुत खुश होती हूँ ये जान कर की मेरे माँ बाप एक सफल और चुदाई से भरी जिन्दगी जी रहे थे . पापा करीब 50 साल के और माँ करीब 45 साल की होने के बावजूद भी वो इतनी शानदार चुदाई अलग अलग position में करते थे जिस से उनके इस उम्र में भी चुदक्कड़ होने का पता चलता था .
वो आपस में चुम्बन ले रहे थे और माँ के दोनों हाथ पीछे टेबल पर support ले रहे थे . उन्होंने चुम्बन ख़तम किया तो पापा सीधे खड़े हो गए .
वो माँ के पैर अभी भी पकड़े हुए थे और अब पापा ने अपने लंड से माँ की चूत में धक्के मारने शुरू कर दिए थे . पापा के लंड के , माँ की चूत में हर धक्के के साथ मेरी माँ की चूचियां ऊपर नीचे नाच रही थी . वो दोनों आपस में धीरे धीरे बोल रहे थे जो मैं सुन नहीं पाई . शायद वो सेक्सी बातें ही कर रहे होंगे .
बे ध्यानी में ही मेरा हाथ अपनी अभी अभी साफ़ की हुई चिकनी चूत पर चला गया . मेरी उँगलियों को पता चल गया की मेरी चूत गीली हो रही थी . ये असर था अपने माँ बाप की चुदाई देखने का . मैंने पूरा पूरा ध्यान रखा की कोई आवाज न होने पाए . Aap Meri chudayi ki story sex kahanii dot com pr padh rahe hain.
मैं अपनी चूत पर धीरे धीरे हाथ फिरा रही थी क्यों की मैं जानती थी की जोर जोर से चूत में ऊँगली करने से मैं जल्दी ही झर सकती थी जिसकी वजह से मेरे मुंह से आवाज निकल सकती थी . मैं धीरे धीरे अपनी चूत को मसल रही थी . वहां , पापा अब जोर जोर से मेरी माँ को चोदने लगे थे .
माँ की चूचियां भी तेजी से पापा के हर धक्के के साथ नाच रही थी . मेरे लिए हमेशा ही अपने माँ बाप की चुदाई देखना मजेदार रहा है और आज मैं फिर वही काम कर रही थी . और सब से खास बात ये है की मैं कभी भी ऐसा करते पकड़ी नहीं गयी थी , ये बहुत संतोष की बात है .
चाचा से चुदवाते हुए भी मैं कभी भी नहीं पकड़ी गयी थी . मैं चुदाई करवाते हुए या चुदाई देखने के समय हमेशा ये ध्यान और सावधानी रखती हूँ की पकड़ी न जाऊं .
वहां मेरी माँ चुदी जा रही थी और यहाँ मुझे मज़ा आ रहा था .
पापा ने माँ को चोदने की रफ़्तार बढ़ा दी थी और माँ की आँखें आनंद के कारण बंद हो रही थी . माँ की बड़ी बड़ी चूचियां उछल रही थी , नाच रही थी और पापा माँ को अपने लंड से चोदे जा रहे थे …….. चोदे जा रहे थे ….. तेजी से चोदे जा रहे थे .
मेरी माँ चुद रही थी और मैं देख रही थी अपनी माँ को चुदते हुए .
मेरे चुदक्कड़ पापा मेरी चुदक्कड़ माँ को चोदते जा रहे थे और मैं , उनकी चुदक्कड़ बेटी उन की चुदाई देख रही थी . अब पापा के चोदने की रफ़्तार लिमिट क्रोस कर चुकी थी और मुझे पता चल गया की उनका लंड मेरी माँ की चूत में पानी बरसाने वाला है .
और ना चाहते हुए भी , मुझे वहां से हटना पड़ा क्यों की अब अधिक देर वहां खड़े रहने में देख लिए जाने का खतरा था .
मैंने धीरे से , बिना आवाज किये बाथरूम का दरवाजा बंद किया और अपने रूम में आ गई . अपने रूम में आ कर बाथरूम अपनी तरफ से बंद कर लिया .
मैं काफी गरम और गीली हो चुकी थी. मुझे अब एक जोरदार चुदाई की जरूरत महसूस होने लगी थी. Aap Meri chudayi ki story sex kahanii dot com pr padh rahe hain.
मेरे चाचा तो थे ही मेरी चुदाई की जरूरत पूरी करने के लिए.
मैंने अपने नंगे बदन पर गाउन डाला और चाचा के बेडरूम की चाबी ले कर अपने रूम से बाहर आई ( मेरे रूम चाबी चाचा के पास और चाचा के रूम की चाबी मेरे पास रहती है ताकि हम एक दुसरे के पास जब भी जरूरत हो, चुदाई करने या चुदवाने के लिए पहुँच सकते है) चाचा का रूम मेरे रूम के सामने ही था .
उनके रूम का दरवाजा बंद पा कर मैंने चाबी से उन के रूम का दरवाजा खोला और अन्दर पहुँच गई . चाचा अपने बिस्तर में सिर्फ चड्डी पहने हुए गहरी नींद में सो रहे थे . उन के बदन का ऊपरी हिस्सा नंगा था . रूम में night bulb की रौशनी में मैं सब देख पा रही थी .
वो अपनी पीठ के बल सीधे सोये हुए थे और उनकी चड्डी उनके लंड के ऊपर सपाट थी जिसका मतलब था की उन का लंड खड़ा नहीं है , नरम है . मैंने दरवाजा अन्दर से बंद किया और ये सोचती हुई उन के बिस्तर की तरफ बढ़ी की कैसे शुरू किया जाए .
एक बार तो मैंने सोचा की क्यों उनकी नींद ख़राब की जाये पर तुरंत ही मैंने अपने दिमाग से ये ख्याल निकाल दिया क्यों की मुझे तो एक जोरदार चुदाई की जरूरत थी , मुझे तो चुदवाना था . मैं बिस्तर पर उन के पास सो गई . मैंने अपना हाथ उनके नरम लंड की तरफ बढाया और उस को पकड़ लिया .
Meri chudai ki hotxstory next part mein continued hai.
