गर्लफ्रेंड की सेक्सी छोटी बहन की चुदाई – Part 2
Desi gf sex kahani – फिर हम साथ मैं नाश्ता करके टीवी देखने लगे ओर इस बीच मैने संचीता को दो तीन बार किस कर लिया था ओर अब मैं उससे मज़ाक कर रहा था ओर मज़ाक ही मज़ाक मैं मैने उससे पुचछा की तुम्हारे निपल हुमेशा खड़े रहते है?
ओर मेरे मूह से यह बात सुनकर वो बहुत शर्म रही थी ओर नहाने जाने से पहले उसने मुझे उसके बालो मैं तेल लगाने को कहा. टीवी देखते देखते मैं उसके बालो मैं तेल लगा रहा था, लेकिन मेरा पूरा ध्यान तो उपर से नज़र आ रहे उसके बूब्स के बीच की उस लाइन पर टिकी हुई थी.
Part 1 – गर्लफ्रेंड की सेक्सी छोटी बहन की चुदाई
मैने अब बड़े प्यार से आश्चर्या से पुचछा की संचीता तुम्हारी त्वचा कितनी सुख गयी है ओर मैने थोड़ा सा तेल उसके गर्दन के आसपास वाली त्वचा पर लगा दिया ओर अब मैं थोड़ा गुस्से से बोला की तुम अपना ख्याल नही रखती ओर उसी गुस्से से मैने उसके हाथो पर तेल लगाना शुरू कर दिया. संचीता ने भी मुझसे कुछ नही बोला.
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अब मैं उसके दोनो हाथो की मालिश करते हुए मैने उसकी टी-शर्ट को एक तरफ से पूरी उपर उठा दी ओर अब मुझे संचीता की सफेद ब्रा की दूरी भी सॉफ सॉफ नज़र आ रही थी. मैने बड़े प्यारे अंदाज़ मैं उसकी ब्रा की दूरी को थोड़ा नीचे करके वहाँ पर भी तेल लगाया ओर फिर उसे ठीक कर दिया ओर मैं टेल अगेट लगते बोला की हे भगवान पूरा हाथ ओर पीठ की त्वचा सुखी हो गयी है.
अब मैने संचीता को नीचे लेतने के लिए बोला ओर उससे कहा की तुम अपनी टी-शर्ट को थोड़ा उपर कर लो ताकि मैं तेल लगा दूं. दोस्तो पहले तो वो थोड़ा इनकार करने लगी, लेकिन मेरे थोड़ा ज़ोर डालने पर वो मन गयी ओर अब वो उल्टा लेटकर टीवी देख रही थी. फिर मैने धीरे धीरे उसकी पीठ पर मालिश करना शुरू कर दिया था ओर कुछ देर बाद मालिश करते करते मैने उसकी पूरी टी-शर्ट को उपर उठा दिया था.
उसकी वो सफेद कलर की ब्रा अब मुझे बिल्कुल सॉफ सॉफ नज़र आ रही थी ओर अब मेरी हिम्मत इतनी बढ़ गयी थी की मैने बहाने बनाकर उसकी बहुत अछी तरह मालिश शुरू कर दी. मैं अब उसकी गान्ड के उपर चढ़ गया ओर मैने अपने एक हाथ से उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया.
संचीता एक दम से घबराकर बोलने लगी की तुम यह क्या कर रहे हो, मुझे ऐसे शरम आ रही है? अब मैने गुस्से मैं कहा की एक तो तुम अपना बिल्कुल भी ख्याल रखती नही हो ओर मैं मालिश कर रहा हूँ तो शर्मा रही हो ओर मैने उठकर लाइट को बंद कर दिया ओर मैं वापस आकर उसकी गान्ड के बीच मैं अपने लंड को फसकर बैठ गया ओर ठीक तरह से बैठने के बहाने से मैने दो तीन बार अपने लंड को उसकी गान्ड मैं रग़ाद दिया.
संचीता टीवी देखने मैं व्यस्त थी ओर मैं अपना लंड रग़ाद रगदकर उसकी पीठ की मालिश कर रहा था. दोस्तो मेरा तो दिल कर रहा था की उसकी पीठ को चूम लॅंड ओर उससे चिपक ज़ाऊ ओर अब मैं धीरे धीरे नीचे की तरफ जाकर उसके परो की मालिश करने लगा.
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दोस्तो मैं शब्दो मैं बता नही सकता हूँ की मुझे उस समय कैसा महसूस हो रहा था जब मेरे दोनो हाथ उसके पूरे परो पर तेल लगा रहे थे ओर उसकी वो छ्होटी सी पेंट बहुत ढीली होने के कारण मेरे हाथ उसकी जाँघो के बाद उसकी गान्ड को च्छू रहे थे, लेकिन अब मुझे बिल्कुल भी समझ नही आ रहा था की मैं उसकी वो छ्होटी सी पेंट (निक्कर) को कैसे उतर्वौन?
फिर मैने उससे थोड़ा एक साइड करवट लेकर लेतने को कहा ओर जैसे हो तो एक साइड मैं हुई तो उसकी खुली हुई ब्रा तो नीचे ही रह गयी, लेकिन उसके बूब्स अब बंद लाइट मैं भी ऐसे चमक रहे थे जैसे कोई हीरा चमक रहा हो.
मेरा दिल तो बहुत कर रहा था की मैं उसका वो पूरा का पूरा बूब्स अपने मूह मैं दबाकर उसका सारा दूध निकल लॅंड ओर मेरा मन करने लगा की मैं सारा तेल उसके बूब्स पर लगाकर उसके उपर बैठकर उसकी मालिश कर दूं, लेकिन मैने उसे बहुत सीधे तरीके से लिया जैसे की मुझे उससे कुछ फ़र्क नही पड़ता ओर मैने उसके पेट पर तेल लगाना शुरू कर दिया ओर थोड़ी देर बाद मैने उसकी ब्रा को पूरा निकल दिया ओर अपने आप पर बहुत ज़्यादा कंट्रोल के साथ मैने अपने दोनो हाथो से उसके बूब्स की मालिश शुरू कर दी.
दोस्तो पहले तो संचीता यह सब देखकर थोड़ी टेंसटीओं मैं थी की वो यह क्या कर रही है? लेकिन मलगता है की मेरे अच्छे व्यवहार ने उसे ज़्यादा कुछ सोचने नही दिया ओर कंट्रोल करते करते भी मैने पच, सात बार उसके बूब्स ओर निपल को थोड़ा ज़ोर से दबा ही दिया.
फिर थोड़ी देर बाद मुझे लगने लगा की अब संचीता को भी अच्छा लग रहा है ओर थोड़ी देर तक उसके बूब्स की मालिश करने के बाद मैने उससे कहा की तुम थोड़ा अपने निक्कर को नीचे कर लो जिससे मैं पूरी तरह तुम्हारी मालिश कर दम ओर फिर उसके ना ना कहते कहते मैने अपना हाथ से उसकी उस छ्होटी सी पेंट को खिचकर नीचे कर दिया था.
दोस्तो उसकी उस गुलाबी कलर की पेंटी मैं उसकी गान्ड क्या मस्त सेक्सी ओर भारी हुई लग रही थी, लेकिन अब मुझसे रहा नही गया ओर मैने सीधे ही उसकी गान्ड से थोड़ा नीचे तेल डाल कर मालिश शुरू कर दी ओर अपना हाथ पेंटी के अंदर डालकर पूरी गान्ड को जी भरकर दबाया ओर यह कहते हुए की पेंटी मैं तेल ना लग जाए उसे भी नीचे सरका दिया ओर अब उसकी जाँघ पर बैठकर उसकी गान्ड की बहुत मालिश की, संचीता हंसते हंसते बोल रही थी आपने तो मुझे पूरा नंगा कर दिया, अब तो छोड़ दो मुझे.
मैने दिल ही दिल मैं कहा की मैं छोड़ तो दूँगा, लेकिन पहले चोदूगा जब छोड़ दूँगा. मालिश के साथ साथ हम दोनो टीवी पर आ रही फिल्म की भी बाते कर रहे थे ओर बात करते करते मैने एक साइड से कुल्हो की मालिश शुरू कर दी थी.
मैं उसकी जाँघो पर बैठा हुआ था ओर मेरा लंड उसकी जाँघ पर ऐसे डब रहा था की जैसे उसके मूह मैं घुसा हुआ हो. फिर फिल्म की बात करते करते मैने उसको पर उतने को कहा ताकि मैं उसकी जाँघ की भी मालिश ठीक से कर दम ओर अब मैं ऐसे बैठा हुआ था की उसकी चुत के काले काले बाल ओर उसकी चुत मुझे बिल्कुल सॉफ नज़र आ रही थी ओर फिर मालिश ओर बाते करते करते मैने अपनी दो उंगलियों को उसकी चूर मैं डाल दिया.
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दोस्तो मैने महसूस किया की उसकी चुत एक दम जलते हुए तवे की तरह बिल्कुल गरम थी. मैने तो मन बना रखा था की मैं सबसे पहले उसको अपनी जीभ से चोदूगा ओर फिर उसके बाद अपना लंड डाल दूँगा, लेकिन ऐसा हुआ नही क्योंकि जैसे ही मैने अपनी एक उंगली उसकी चुत मैं डाली तो वो एक दम से घबराकर उठ गयी ओर बाथरूम मैं नहाने के लिए भाग गयी ओर अब आग मेरे अंदर भी इतनी ही भड़क चुकी थी. मैं अब या तो संचीता को छोड़ता यॉ ओ मेरे लंड को अपने मूह मैं लेकर चुस्कर मेरे वीर्या को बाहर निकल दे.
मैं भी उसके पिच्चे गया तो मैने देखा की उसने बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है ओर पच मिनिट तक मैने बहुत ध्यान से सुना, लेकिन मुझे कुछ भी आवाज़ नही आ रही थी. मैने अब अपने कपड़े उतार लिए थे की मैं आज तो इसे छोड़कर ही रहूँगा. फिर मैने बाहर से उससे पुचछा की क्या हुआ? तो संचीता ने कुछ नही बोला ओर कुछ देर बाद कहा की मैं अभी नाहकार आती हूँ.
मैने कहा की ठीक है, लेकिन पहले दो मिनिट के लिए खोल दो मुझे हाथ धोना है. दोस्तो पहले तो उसने मुझसे ना कहा ओर फिर कुछ देर बाद कहा की ठीक है आकर धो लो, लेकिन मेरी तरफ मत देखना. दोस्तो मैने तो पहले से ही सोच रखा था की मुझे दरवाजा खोलकर क्या क्या करना है? ओर जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो मैं उसके सामने जाकर खड़ा हो गया. वो मुझे पूरा नंगा देखकर कहने लगी की सब क्या कर रहे हो आप?
दोस्तो अब हम दोनो बिना कपड़ो के थे ओर मैने जैसे ही संचीता को पिच्चे से पकड़ा तो वो च्चटपटाने लगी, लेकिन मैने उसे नही छोड़ा ओर उसके ना ना कहने के बाद भी मैं उसे उठाकर बाहर ले आया ओर अब मैने उससे बड़ी ही उदास आवाज़ मैं पुचछा की तुम्हे क्या मेरा च्छुना बिल्कुल भी अच्छा नही लगता? तो संचीता ने कहा की नाहिओो बात नही है, लेकिन दीदी इस बड़े मैं क्या सोचेगी? मैने उसे समझाया की यह सब बाते बतने वाली थोड़ी है जो तुम्हारी दीदी को पता चलेगा.
फिर मैने अपने एक हाथ से उसके बूब्स को मसलना शुरू किया ओर दूसरा हाथ जैसे ही उसकी चुत के उपर रखा तो उसको बिल्कुल भी होश नही था. उसके पर अब धीरे धीरे खुलते गये ओर मेरा हाथ उसकी चुत के अंदर जाने लगे ओर थोड़ी देर बाद मैने उसे अपना लंड पकड़ा दिया, जिसका साइज़ करीब 8 इंच होगा.
फिर उसने मेरे लंड को अपने मूह मैं डालने के बाद ऐसे चूसना शुरू किया जैसे कोई भूखी शेरनी को माँस का टुकड़ा मिल गया हो ओर आज लाइफ मैं पहली बार किसी लड़की ने मेरे लंड के साथ मेरे अँड को भी चूसा ओर चूस्ते चूस्ते जो सूप सूप सूप की आवाज़ उसके मूह से आ रही थी वो मुझे ओर भूखा बना रही थी ओर अब बड़ी थी मेरे लंड से उसकी चुत की चुदाई की ओर फिर मैं समझ गया की संचीता अब पूरी तरह मूड मैं है. desi gf sex.
मैने उससे कहा की वो मेरे उपर आकर बैठ जाए ओर फिर उसने वैसा ही किया ओर उसने मेरे उपर बैठकर मेरे लंड को एक हाथ से पकड़कर अपनी चुत मैं डाल दिया ओर मेरे कंधो को पकड़कर उपर नीचे होने लगी. लंड के थोड़ा अंदर जाते ही वो एक दम ज़ोर से चीखने लगी ओर वो क जगह पर बिना हीले रुक गयी,
शायद वो अपनी चुत मैं मेरे लंड से टूटी अपनी सील को महसूस कर रही थी ओर फिर कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो वो धीरे धीरे उपर नीचे होने लगी ओर मैं उसकी कमर पर अपने हाथ रखकर उसे सहारा देने लगा. फिर तीन चार मिनिट के बाद मैने उसको नीचे आने को कहा.
अब मैने उसे बेड पर लेता दिया ओर अपने पूरा लंड उसकी चुत के अंदर एक ही ज़ोर के धक्के मैं डाल दिया, लेकिन जैसे जैसे मैं अपना लंड, चुत के अंदर बाहर कराता तो वो भी अपनी कमर को उपर उठा देती, जिसकी वजह से लंड चुत के अंदर पूरा घुस जाए ओर मैं धीरे धीरे धक्के देने लगा, लेकिन कुछ देर बाद मैने संचीता को डॉगी स्टाइल के लिए कहा, लेकिन पहले तो उसने सॉफ माना किया ओर फिर मन गयी. फिर मैने उसकी गान्ड की तरफ से अपना लंड डालना शुरू किया.
मैं उसकी मोटी मोटी गान्ड पर हाथ फेराते हुए उसमे अपना लंड डाल रहा था ओर जब उसकी गान्ड मेरे लंड के आख़िरी हिस्से से लगती तो बस मज़ा ही आ जाता था. इस तरह उसे छोड़ते हुए उसके लटके हुए बूब्स को पकड़ने का मज़ा भी बहुत अजीब था. दोस्तो मैने संचीता को करीब 25 मिनिट तक लगातार चोदा ओर फिर मैने अपना वीर्या उसकी चुत मैं ही डाल दिया.
दोस्तो अब उसकी खुशी का तो ठिकाना नही था.
मेरे भी दिल की तमन्ना उसे छोड़ने की अब पूरी हो गयी थी. अब उसके बाद शाम होने तक मैने उसे चार बार ओर चोदा ओर जब तक वो मेरे फ्लॅट पर रही हर दिन मैं उसकी चुदाई कराता रहा ओर संचीता को मेरा उसकी चुत के बालो को अपने हाथो से खिचना बहुत अच्छा लगता था.
फिर उनके जाने वाले दिन मैने उसे कहा की संचीता तुम बहुत अछी हो ओर तुमको छोड़ने का यह अहसास ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेगा. तुम्हारी जैसे चुद़क्कड़ साली किसी को ही मिलती है. मेरी चुद़क्कड़ रॅंड साली संचीता मेरा लंड हमेशा तुम्हारे मूह मैं घुसने को बेठाब रहेगा ओर मेरा सिर्फ़ इतना कहना था की संचीता ने सबसे नज़र बचाते हुए मेरे लंड पर ज़ोर से मारा ओर कहा की जब तक मैं दोबारा नही आती तुम इसकी मालिश करते रहना.
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