मेरी कज़िन शीला की मस्त चुदाई
Hot Cousinxxx porn. – एक दिन हमारे मस्सी (मदर‚स सिस्टर) डिस्त्त.-गया के विलेज-टेकारी से आई मुझे और शीला को अपने साथ गाव अपनी लड़की गीता की माँगनी में ले जाने के लिए. हम दोनो भाई-बेहन का टिकेट अपने साथ बनाकर लेने आई.मम्मी हुंसे कही जब तुम्हारे मस्सी एतनी दूर से खुद लेने आई तो जाना तो पड़ेगा ही. लेकिन शीला की स्कूल भी खूली है एसलिए जाओ और माँगनी के बाद दूसरे दिन वापस आ जाना.
वापसी का टिकेट अभी ही जाकर लेलो. मैं देल्ही रेलवे स्टेशन गया वहान किसी भी ट्रेन का दो दिन की वापसी टिकेट नहीं मिली. अंत मे मैं झारखंड एक्सप्रेस का 98, 99 वेटिंग का ही टिकेट लेकर आ गाएँ की नहीं कन्फर्म होने पर टीटी को पैसे देकर ट्रेन पर ही सीट ले लेंगे. 29त ऑक्टोबर. 2000 को मैं और शीला अपनी मस्सी (मदर‚ससिसटेर) के बेटी (गीता) के माँगनी से वापस लौट रहे थे.
डिस्त्त-गया (बिहार) के टेकारी गाव मे हुमारी मस्सी रहती थी. मस्सी ने गीता के माँगनी में शीला को लाल रंग के लंगा-चोली खड़ीद कर दी थी जिसे पहनकर शीला मेरे साथ देल्ही वापस लौट रही थी. टेकारी गाव के चोवोक पर हुमलोग गया रेलवे स्टेशन आने के लिए ट्रेकर (जीप) का एंटेजर कर रहें थे.
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एतने में वहान एक कुट्टी (बिच) और उसके पिच्चे-पिच्चे एक कुत्ता (डॉग) दौड़ता हुआ याइया. कुट्टिया हुमलोग से करीब 20 फ्ट. की दूरी पर रुक गयी. कुत्ता उसके पिच्चे आकर कुट्टी के बुर (कंट/चुत) चातने लगा और फिर दोनो पैर कुट्टी के कमर पर रखकर अपना कमर दाना दान चलाने लगा. जिसे मैं और शीला दोनो देखें.
कुत्ता बहूत रफ़्तार से 8-10 धक्का घपा-घाप लगाकर केरबात ले लिया.
दोनो एक दूसरे में फँस गया. ये सीन हम दोनो भाई-बहन देखें. एतने में गाव के कुच्छ लड़के वहाँ दौड़ते हुए आए और कुत्ते-कुट्टी पर पठार मरने लगे. कुत्ता अपने तरफ खींच रहा था और कुट्टिया अपनी तरफ. लेकिन जोत छ्चुतने का नाम ही नहीं ले रहा था.
मैं शीला के तरफ देखा वो शर्मा रही थी लेकिन ये सीन उसे भी अच्छा लग रहा था हुंसे नीचे नज़र करके ये सीन बड़े गौर से देख रही थी. मेरा तो मूड खराब हो गया अब मुझे शीला अपनी बहन नहीं बल्कि एक सेक्सी लड़की की तरह लग रही थी.
अब मुझे शीला ही कुट्टिया नज़र आने लगी. मेरा लंड पैंट में खड़ा हो गया. लेकिन एतने में एक ट्रेआकेर (जीप) आई .हम दोनो जीप में बैठ गाएँ. जीप में एखी सीट पर 5 लोग बैठे थे जिस से शीला हुंसे चिपकी हुई थी. मेरा ध्यान अब सिला के बुर (कंट/चुत) पर ही जाने लगा. हुमलोग स्टेशन पहुँचे. मैं अपना टिकेट कन्फर्मेशन के लिए त.सी. ऑफीस जाकर पता कियेन. लेकिन मेरा टिकेट कन्फर्म नहीं हुआ था.
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फिर मैं सोचा किसी भी तरह एक भी सीट लेना तो पड़ेगा ही.त.सी. बताया आप ट्रेन पर ही त.त. से मिल लीजिएगा शायद एक सीट मिल ही जाएगा. ट्रेन टाइम पर आ गई. शीला और मैं ट्रेन पर चढ़ गाएँ.त.त. से बहूत रिकवेस्ट करने पर र्स.200 में एक बर्त देने के लिए अग्री हुआ.त.त. एक सिंगल सीट पर बैठा था/
वो कहा आप लोग एस सीट पर बैठ जाओ जब तक हम आटें है कोई सीट देखकर. मैं और शीला गाते के सीट पर बैठ गाएँ रात करीब 10पीयेम बाज रही थी खिड़की से काफ़ी ठंडी हवाएँ चल रही थी. हुमलोग शाल से बदन धक कर बैठ गाएँ.
एतने में टीटी आकर हुमलोग को दूसरे बोगी में एक अप्पर बर्त दिया. मैने 200 रुपीज़ त.त. को देकर एक टिकेट कन्फर्म करवा कर अपने बर्त पर पहेले शीला को अप्पर चढ़ाएँ चढ़ते समय मैं शीला के चूतड़ (बूट्तुक) कासके दबा दिया था सिला मुस्कुराती हुई चढ़ि फिर मैं भी उपेर चढ़ा.
सारे स्लीपर पर लोग सो रहें थे. हमारे स्लीपर के सामने स्लीपर पर एक 7 एअर का गर्ल सो रही थी जिसकी मम्मी अंकली मिड्ल और नीचे के बर्त पर थे. सारी लाइट पंखे बंद थे सिर्फ़ नाइट बल्ब जल रही थी. टैन अपनी गति में चल रही थी. शीला अप्पर बर्त में जाकर लेट रही थी.
भी अप्पर बर्त पर चढ़कर बैठ गाएँ. शीला मुझसे कहने लगी लेटोगे नहीं. मैं कहा कहाँ लेटुन जगह तो है नहीं एस पर वो कारबत होकर लेट गयी और मुझे बगल में लेतने कही. मैं भी उसीके बगल में लेट गया.और शाल ओढ़ लिया. जगह छ्होटा के कारण हम दोनो एकदूसरे से चिपके हुए थे.
शीला का छूनची मेरे चेस्ट से डब्बा हुआ था. मुझे तो सिला की चुत (बर) पर पहले से ही ध्यान था. मैं और भी अपने से चिपका लिया. सिला से कहें. और एधर आ जा नही तो नीचे गिरने का दार है. वो और मुझसे चिपक गयी. cousinxxx porn.
शीला अपनी जाँघ मेरे जाँघ (थाइ) के उप्पर रख दी. उसकी गाल मेरे गाल से सटा था. मैं उसकी गाल से उपना गाल रगड़ने लगा. मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा हो गया. मैं उपना एक हाथ शीला की कमर पर ले गया और और धीरे -धीरे उसकी लहनगा उपर कमर तक खींच-खींच कर चढ़ने लगे.
शीला की साँसे भी तेज चलने लगी थी. मैं उसकी लहनगा कमर के उपर कर दिया और उसकी चूतड़ सहलाने लगे. मैं उसकी पेंटी पर से हाथ घुमा कर देखने लगा बुर (चुत) के पास उसकी पेंटी गीला था उसकी बुर से चिप-छिपा लार निकला था जो मेरे उंगलियों को चेट-चटा कर दिया.
मैं पेंटी के अंदर से हाथ डालकर बुर के पास ले गया उसकी बुर लार से भींगी हुइथि. मैं बुर को सहलाने लगा शीला अप्नी होठ मेरे होठ पर रख दी और मेरे होठ को उपने मुँह में लेकर चूसने लगी. मुझे एक बरगी पूरा बदन में जोश या गया मैं एक हाथ शीला के ब्रेस्ट में डालकर उसके संतरे जैसे चूची को सहलाने लगा.
उसकी चूची के निपल काफ़ी छ्होटी थी उसे मैं उपने मुँह मे लेकर चूसने लगा. और पहले एक उंगली शीला के बुर मे धूका डीएन. बुर गीली होने के कारण अससनी से उंगल बुर में चला गया. फिर दो उंगली एक बार धूकने लगें एस पर शीला कस-मसने लगी मैं एक हाथ से उसकी निपल की घुंडी मसल रहा था और एक हाथ उसकी बुर से खिलवाड़ करने लगा . Blackshemaleporn.
मैं किसी तरह धीरी-धीरे दोनो उंगली उसकी बुर में पूरा घुसेड दिया. और दोनो उंगली को चौड़ा करके उसकी बुर में चलाने लगा.
शीला सीस्ने लगी और अपनी हाथ मेरे पेंट के जीप के पास लाकर जीप खोलने लगी. मैने भी जीप खोलने में उसकी मदद की और अपना लंड शीला के हाथ में दे दी. सिला मेरे लंड के सूप़ड़े को सहलाने लगी. उसको मेरे लंड सहलाने से बहूत मज़ा मिला मैं उसकी बुर में इसबार तीन उंगली एकसाथ डालने लगा.
बुर से काफ़ी लार गिरने लगा जिस से मेरा हाथ और सिला की पैंटी पूरा भींग गयी. लेकिन एसबर तीनो उनली बुर में नहीं जा रहा था मैं एक हाथ से बुर को चिर कर रखा और फिर तीनो उंगली एक साथ डालें शीला मेरे हाथ पकड़ कर बुर के पास से हटाने लगी शायद एस बार बुर तीनो उंगली से बुर दर्द करने लगा होगा लेकिन मैं उसकी होठ अपने मुँह मे लेकर चूसने लगें और किसी तरह तीनो उंगली आधा जाकर ही उतक गया .
मैं जोश में आ गया और शीला की पैंटी एक साइड करके उपना लंड उसके बुर के च्छेद में धूकने लगें. लंड का सूपड़ा ही बुर में घुसा की शीला मेरे कन में कहने लगी धीरे-धीरे धुकाओ बुर दर्द कर रही है. मैं थोड़ा सा पोज़िशन लेकर उसकी चूतड़ को ही उपने लंड पर दबाया तो एक 1/4 हिस्सा उसकी बुर में गया.
मैं उसे ज़्यादा परेशन नहीं करना चाहता था.मैं सोच्छा पूरा लंड बुर में में धूकने पर उसकी मुँह से चीख नेकलेगी और लोग जाग भी सकते हैं एसीलिए मैं 1/4 हिस्सा उसकी बुर में घुसकर अंदर बाहर करने लगें. पैंटी के किनारे साइड मेरे लंड को कस्स रखा था एसीलिए हमे छोड़ने में काफ़ी मज़ा मिल रहा था शीला भी चूडैई किराफ्तार बढ़ने में हमारे साथ देने लगी.धीरे-धीरे पैंटी भी हमारे लंड को कसकर बुर पर चंपे हुए थी.
पैंटी के घर्सन से लंड भी बुर में पानी छोड़ने के लिए तैयार हो गया.मैं सिला के कमर को कसकर अपने कमर में चिपकाए मेरे लंड पानी छोड़ दिया .सिला की पैंटी पूरा भींग गयी.शायद सर्दी के रात्त के कारण उसे ठंढ लगने लगी फिर उसने अपनी पैंटी धीरे से उतारकर उसी से अपनी बुर पोंच्छ कर पैंटी अपनी हॅंड बाग में रख ली.
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फिर मैं और शीला एक दूसरे से चिपक कर सोने लगें. लेकिन हुंदोनो के आँखों में नींद कहाँ. मैं शीला के कन में कहा कुट्टिया बनकर कब छोड़ायगी. तब शीला कहने लगी घर चल कर चाहे कुट्टिया बनाना आ गे (काउ) बनाकर छोड़ना यहाँ तो बस धीरे-धीरे मज़ा लो.
हमलोग शाल से पूरा बदन धक रखे थे. शीला फिर मेरे लंड को लेकर मसालने लगी मैं भी उसके बुर के टिट को कुदर कर मज़ा लेने लगा. आब शीला हुंसे काफ़ी खूल चुकी थी.मेरे होठ को चूस्ते हुए मेरे लंड मसले जा रही थी उसकी हंतों की मसलन से फिर मेरे लंड खड़ा होने लगा और देखते ही देखते मेरा लंड सिला की मुति से बाहर आने लगा.
शीला बहूत गौर से मेरे लंड की लूम्बई-चौड़ाई नापी 9 इंचस का लंड देख कर हैरान हो मेरे कन में कही इतना मोटा-लूंबा लंड तूने मेरे बुर में कैसे धुका दिया. मैं कहा अभी पूरा लंड कहाँ धूक्या हूँ मेरी रानी अभी तो सिर्फ़ 1/4 हिस्सा से कम चलाया हूँ पूरा लंड तो तुम जब घर में कुट्टिया बनोगी तो हम कुत्ता बनकर डॉगी स्टाइल में पूरे लंड का मज़ा चखाएँगे.
इसपर वो ज़ोर-ज़ोर से मेरे गॉल में दाँत कातने लगी फिर मैं उसके कन में धीरे से कहा शीला तुम ज़रा कारबत बदलकर सोअओ. तुम अपनी गांड (आस होल) मेरे लंड की तरफ करके सोअओ. उसपर मेरे कन में कहने लगी. नहीं बाबा गांड मारना हो तो घर में मारना यहाँ मैं गांड मरने नहीं दूँगी.
फिर मैं उस से कहा नहीं रानी मैं तुम्हारी गांड नहीं मारूँगा मैं तुम्हे लंड-बर का ही मज़ा दूँगा. फिर वो कारबत बदल दी. मैं शीला के दोनो पैर मोड़ कर शीला के पेट (बेल्ली) में सटा दिया जिस से उसकी बुर पिच्चे से रास्ता दे दी.मैं उसकी गांड उपन्ने लंड की तरफ खींच कर उसकी पैर उसकी पेट से चिपका दिया और बुर में पहले दो उंगील डालकर बुर के च्छेद को थोड़ा फैलाया फिर दोनो उंगली बुर में डालकर उंगली बुर में घुमा दिया शीला उस पर थोड़ा चिहुकी.
फिर मैं गॉल में एक चुम्मा लेकर अपने लंड को शीला के बुर में धीरे-धीरी घुसने लगें. बहुत कोशिश के बाद आधा लंड बुर में घुसा मैं सिला से ज़्यादा से ज़्यादा मज़ा लेना और देना चाहते थे. एसीलिए बहुत धीरे-धीरे घुसाएँ और एक हाथ से उसकी निपल की घुंडी मैंज्ञे लगें. मैं देखा अब शीला भी अपनी गांड मेरे लंड की तरफ चंप रही है.
फिर शीला के बुर हल्का सा पानी छोड़ा जिस से मेरा लंड गीला हो गया और लंड बुर में अंदर-बाहर करने पर तादा और अंदर गया अब सिर्फ़ 1/4 हिस्सा ही बाहर रहा. और मैं धीरे-धीरे अपना कमर चलकर शीला को दुबारा छोड़ने लगे. desi cousinxxx story.
शीला भी अपनी गांड हिला-हिला कर मज़े से छोड़बने लगी. एस बार करीब एक घंटे तक दोनो छोड़ा-छोड़ी करते रहें. ट्रेन एक बार कहीं सिग्नल नहीं मिलने के कारण ऐसी ब्रेक मारा की शीला की चुतताड पिच्चे के तरफ हाचाक से दवाब डाला जिस से मेरा पूरा लंड खचाक से शीला के बुर में पूरा चला गया शीला के मुँह से भयानक चीख निकालने ही वाली थी.
मैं अपने एक हाथ से शीला की मुँह बंदकर दिया और एक हाथ से उसकी दोनो चूची बरी-बरी से मैंज्ञे लगें. मैं तो त्रियाँ पर उसके साथ ऐसा नहीं करना छाते देन लेकिन ट्रेन की मोशन में ब्रेक लगने के कारण ऐसा हुआ. सिला धीरे-धीरे सिशकरही थी. मैं अपने लंड को स्थिर रख कर पहले शीला के दोनो चूची को कासके मैंज़े. फिर थोड़ी देर बाद उसे रहट मिली और शीला ने अब खुद अपनी कमर आगे-पिच्चे करने लगी. शायद अब उसे दर्द के जगह पर ज़्यादा मज़ा आने लगा.
मेरा हाथ सिला के बुर पर गया मैं देखा उसके बुर से गरम-गरम तरल प़ड़ार्थ गिर रहा है मैं समझ गया की ये बुर की पानी नहीं बल्कि बुर की झिल्ली फतने से बुर सी खून (ब्लड) गिर रहा है.मैं शीला से ये बात नहीं कहें क्योंकि वो घबडा जाती मैं अपने पैंट से रूमाल निकल कर उसके बुर से गिरे सारे खून को आच्ची तरह से पोंच्छ दिया और सिला को अपनी गांड आगे-पीछे करते देख कर मैं भी घपा-घपप धक्का दे-देकर छोड़ने लगा.
शीला अब मज़े से छोड़बाए जा रही थी. जब मैं 10-15 धक्का एज पिच्चे होकर लगाएँ तो शीला की बुवर पानी छोड़ दी. मैं सिला की दोनो संतरे जैसी चूची मैंज-मैंज कर छोड़ने लगा. करीब 10 मिनिट तक बुर में लंड अंदर-बाहर करके छोड़ते हुए मैं भी पानी छोड़ दिया.
और हमलोग 5 मिनिट अपना लंड बुर में डाले पड़े रहें. जब मेरा लंड सिकुड गया तब फिर बुर से बाहर निकालकर फिर अपना रुमाल से बुर और लंड पोंच्छ कर साफ करके रुमाल ट्रेन की विंडो से बाहर फेंक डीएन.
एस समय 4:35आ.म. बाज रही थी. अब हम दोनो भाई-बेहन एक दूसरे से खुल कर प्यार करने लगें. शीला भी अब देसीयब्बू की फन बन गयी.
एसके बाद हमलोग घर जाकर कैसी -कैसी सेक्सी खेल खेलें हम आप लोंगों को अगली एपीसोड में बटानूंगा.
