-

रिया भाभी को बात करने के लिए नंबर यहाँ से Install करे और प्यार भरी सेक्सी बाते करिये [Download Number ]


loading...

रूमपार्टनर की माल की चूत में लंड दिया और जी भरके कूटा

loading...

सभी दोस्तों को राजबीर यादव का बहुत बहुत नमस्कार. भारत की नं १ हिंदी सेक्स स्टोरी साईट कामुक स्टोरी डॉट कॉम में मैं आपका स्वागत करता हूँ. दोस्तों, जब सभी दोस्त अपनी अपनी सेक्सी स्टोरी पाठकों को सुना रहे है तो मैं ही क्यूँ पीछे रहू. इसलिए मैं भी आज आप लोगो को अपनी सेक्सी स्टोरी सुना रहा हूँ. मेरा दोस्त आफताफ आलम मेरे साथ कॉलेज में पढ़ रहा है. हम लोग भटिंडा के एक कॉलेज से फैशन डिसाईनिंग का कोर्स कर रहे है. आफ़ताब मेरा रूम पार्टनर भी है. हम दोनों ने कॉलेज में अपनी अपनी माल पटा रखी है. हमदोनो बारी बारी से अपने कमरे पर अपनी आपनी माल लाते है और जीभर के ठोंकते है. जब आफताब अपनी माल अलीना को कमरे पर लाता है तो मैं बाहर ही रहता हूँ. अगर अगर मैं वहां रहूँगा तो चुदाई कैसे हो पाएगी.

और दोस्तों तब मैं अपनी माल नीलू को कमरे पर लाता हूँ तो उसके जाने तक आफताफ घर नही लौटता है. हम दोस्तों में इसी तरह की सेटिंग चलती है. हफ्ते में १ बार तो हम अपनी अपनी माल एक बार तो जरुर ले आते है और नंगा करके खूब चूत लेटे है. कई दिन ने मैंने अपनी माल नीलू की चूत नही मारी थी. क्यूंकि वो अभी शहर में नही थी. अपने घर गयी हुई थी. एक दिन आफताफ अपनी माल अलीना को लेकर आया तो उसके जाने के बाद मैंने आफ़ताब से मजाक करने लगा.

“भाई !! अपनी माल की चूत दिला दे” मैंने मजाक मजाक में आफ़ताब से कह दिया. वो हँसने लगा.

“क्यों गांडू !! तेरी वाली कहा गयी??’ आफ़ताब बोला

“….यार वो अपने घर गयी है. और इधर जबसे गर्मी बढ़ी है तब से मेरा लंड हमेशा खड़ा रहता है. प्लीस भाई आलिना की चूत दिलादे ना !!” मैंने आफ़ताब से रिक्वेस्ट करने लगा.

“…..ओके भाई,!! पर याद रखना! मैं भी नीलू की चूत लूँगा!” आफ़ताब बोला

“…..डन!!” मैंने कहा. अगली बार अलीना को आफ़ताब ने पहले ही बता दिया की आफ़ताब उसकी चूत मांग रहा है. उसे दे दे. शूरू शुरू में अलीना थोडा भाव खाती है. पर बाद में तैयार हो गयी. वो एक आजाद ख्याल की मॉडर्न सोच वाली लड़की है जो काफी मॉडर्न है. २ दिन बाद आफताब अपनी सामान अलीना को ले आया.

“मीट माय फ्रेंड !! राजबीर !!”आफ़ताब बोला.

मैंने उसे हाथ मिलाया. शुरू शुरू में मैं अलीना से काफी शर्म कर रहा था. वो काफी खूबसूरत थी. उसने पीले रंग का टॉप और जींस पहन रखी थी. अलीना के बाल बहुत सिल्की है. दोस्तों, हम लोगो के पास कुल मिलाकर एक बड़ा कमरा ही था, इसलिए या तो अलीना  को मैंने चोदता या आफ़ताब. एक बार में एक आदमी ही उसे पेल सकता था. आफ़ताब मेरा इशारा समझ गया.

“अलीना !! मैं बाहर जा रहा हूँ. यू बोथ एन्जॉय!!” आफ़ताब बोला. मैंने दरवाजा बंद करने आया तो आफताब मेरे कान में फुसफुसाया “गांडू !! मेरी माल को आराम आराम से पेलना !!..कोई रंडी नही है ….सामान है मेरी !!” आफताब ने मुझे आँखें दिखाई.

“जो हुक्म मेरे आका” मैंने कहा. हम दोनों हंस पड़े. आफ़ताब अपनी टी शर्ट पहनता हुआ बाहर चला गया. मैंने अंदर कमरे में आ गया. कुछ देर तक मेरे और अलीना के बीच में मौन रहा. समझ नही आ रहा था की कहाँ से मैं शुरुवात करूँ. कौन सी बात करूं.

“कोल्ड्रिंक लोगी ???’ मैंने पूछा. असल में मैं बात किसी तरह शुरू करना चाहता था. कनखियों से मैं अलीना के मम्मे ताड़ रहा था. उसकी कसी टॉप से उसके बूब्स साफ साफ़ दिख रहे थे. मेरे मुँह में ये बात सोचकर पानी आ रहा था की कुछ देर में वो मुलायम बड़े बड़े दूध मेरे मुँह और हाथों में होंगे.

“याह..” अलीना से हाँ में सर हिला था. मैं फ्रिज की तरफ बढ़ा. ग्लास में उसको कोल्ड्रिंक मैंने दी. मैंने उसके पास बैठ गया. धीरे धीरे मेरे हाथ अलीना के हाथ पर आ गये. उसको सायद झुनझुनाहट हुई. उसने अपना हाथ पीछे खीच लिया. कुछ देर में अलीना बची कोल्ड्रिंक एक घूंट में ही पी गयी. मैंने सोचा की इस तरह धीमे धीमे करूँगा तो इस मस्त आइटम को कभी नही चोद पाऊंगा. फिर मैंने अगले ही पल उसका हाथ पकड़ लिया. वो छुड़ाने लगी. मैं कसके हाथ पकड़े रहा. कुछ देर बाद वो नोर्मल थी. मैंने उसे बाहों में भर लिया.

“क्या आफ़ताब के सिवा तुमको किसी और ने लिया है??’मैंने धीरे से पूछा.

“….नही !!” वो दबी आवाज में बोली.

मुझे अच्छा लगा. इसे आफ़ताब के सिवा आज तक किसी दुसरे लड़के ने नही चोदा है. धीरे धीरे मैंने पहल शुरू की. अलीना को कंधो से मैंने पकड़ लिया और चूमने लगा. मेरा काम बंनने लगा. मैंने उसे बिलकुल सामने से बाहों में भर लिया और उसके नाजुक होठ पीने लगा. एक मन हुआ की जिस तरह से अपनी माल नीलू के ओंठ मैं काट लेता था, उसी तरह अलीना के होठ काट लूँ. फिर आफ़ताब की बाद याद आई ..गांडू !! मेरी सामान है ये. कोई रंडी नही है. आराम आराम से चोदना इसको. इसलिए मैंने आफ़ताब की बात का पूरा मान रखा. बहुत धीरे धीरे अलीना के होठ पीने लगा जैसी अपनी माल नीलू के पीता था. धीरे धीरे हम दोनों ही गर्म होने लगा. कुछ देर तक मैं सज्जन व्यक्ति की तरह मदे मद्धम मध्दम अलीना के दूध अपने पंजो से दाबता रहा और उस शहजादी के होठ पीता रहा. जब हम दोनों गर्म हुए तो मैंने बड़ी धीमी आवाज में पूछा “….अलीना चोदू???….तैयार हो???’

उसने हाँ में सर हिला दिया. मन ही मन मैं बहुत जादा खुश हुआ. पर चिल्लाकर अपनी खुशी नही दिखा पाया. मैंने अलीना जैसी घरेलू माल के दोनों हाथ उपर कर दिए. उसका पीला टॉप निकाल दिया. उसने सफ़ेद कॉटन ब्रा पहन रखी थी. मैंने २ सेकंड में ही किसी होशियार चोदू लौंडे की तरह उसकी ब्रा निकाल दी. अलीना जैसी घरेलू माल की नजरे और पलकें खुद ब खूद झुक गयी. मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया. हाथ में उनके ३२ साइज़ के बूब्स लेकर बड़े आराम से छूने लगा. धीरे धीरे हम चुदाई की तरह बढ़ने लगे. हल्के हाथों से अलीना के चुच्चो का मर्दन करने लगा. उसे भी मजा आने लगा. धीरे धीरे उसके बूब्स पर मेरे पंजो की पकड़ बढ़ने लगी. मैं साढ़े हाथों से अलीना जैसी मस्त माल के दूध दाबने लगा. लगा की रसगुल्ले जैसे दूध का आटा गूँथ रहा हूँ. मैंने बिना देर किया मुँह में अलीना के रबर जैसे सॉफ्ट दूध भर लिए और पीने लगा. वो बड़ी हल्की हल्की सिसकियाँ निकाल रही थी, जो सायद ही मेरे कान तक पहुच पा रही थी.

चुदास की इक्षा मेरे मन और तन में प्रबल होने लगी. मैं अलीना के दूध को मुँह में लेकर जोर जोर से पीने लगा. इस दौरान उसे दर्द भी होने लगा. मैं अपनी धुन में लगा रहा और उसके सॉफ्ट दूध. पहला दूध मैंने जीभरके पी लिया तो नजर दुसरे सॉफ्ट मम्मे पर पड़ी. मैंने पहला छोड़ दिया और दूसरा मुँह में भर लिया. बड़ी देर तक मुँह में भरके मैं पीता रहा. कुछ देर बाद मैंने खुद को अलीना के साथ बिलकुल नग्न पाया. चूत पूरी तरह साफ़ थी. चूत के ओंठ तो बहुत जादा बड़े बड़े ऊँचे ऊँचे थे. मेरी माल नीलू की चूत के होठ इतने बड़े बड़े नही है. बहुत छोटे छोटे है. इसलिए मुझे अलीना के चूत के होठ बेहद आकर्षक लगे. मैंने जीभ उसकी चूत के ऊँचे ऊँचे दिवार की तरह होठो पर रख दिए. और पीने लगा. स्वाद बहुत ही नमकीन था जैसे खुला वाला कंकड़ी वाला नमक नमकीन होता है. बिलकुल उसी तरह नमकीन था. मैं अपने दोस्त आफ़ताब की माल की बुर पीने लगा. उसने बिस्तर की चादर हाथ में ले ली और ऐठने लगी.

मैं मजे से अलीना की चूत पीता रहा. बेहद नमकीन चूत थी दोस्तों. अलीना के कपड़े मैंने ठीक उसके बगल में रख दिए थे. जैसे जैसे मेरी जीभ अलीना की गुलाबी फटी हुई चूत पर नाचने लगी, उसे भी कुछ कुछ होने लगा. जैसे जैसे मैं मेहनत से उसकी बुर पीने लगा अलीना तड़पने लगी. मेरी तरह अलीना भी चरम सुख का मजा लेनी लगी. क्यूंकि दोस्तों स्त्री को चोदते समय मुखमैथुन का बेहद अहम योगदान चरम सुख में होता है. मैंने जैसे जैसे अपनी जीभ उसकी चूत पर घुमा रहा था, वैसे वैसे वो सुख के गहरे सागर में गोते लगा रही थी. मैं जोर जोर से अपना मुँह चलाकर अलीना संग मुख मैथुन का आनंद उठाने लगा. इस समय वो बेहद गर्म हो चुकी थी. उसको इस समय लंड चाहिए था. ऐसा लग रहा था की अलीना को तेज बुखार हो. उसका बदन इतना तप रहा था.

दोस्तों, मैं अपनी जीभ से अलीना की योनी और भगशिश्न को जोर जोर से चाट रहा था. इससे उसे बहुत मौज आ रही थी. अलीना ने मेरा लंड पकड़ लिया और जोर जोर से फेटने लगी. हालाकि मुझे डर भी लग रहा था की कही उसके बड़े बड़े नाख़ून मेरे जिस्म में कही लग जा जाए. मैंने उसको पूरा स्पेस दे दिया जिससे वो आराम से मेरा लंड फेट सके. वरना उसके लम्बे लम्बे नाख़ून मेरे बदन में गड़ने के चांसेस बहुत जादा थे. कुछ देर बाद मैंने अपना लम्बा सा लंड अलीना के भोसड़े में डाल दिया और मद्धम मद्धम उसे पेलने लगा. लगा जैसे कोई ट्रेन अपनी शुरुवात में है और धीरे धीरे झटके देते हुए आगे बढ़ रही है. कुछ ही देर में हम दोनों २ जिस्म १ जान हो गये. अलीना ने मुझे उसी तरह अपनी बाहों में भर लिया जैसे मेरी सामान मुझे कसके पकड़ लेती थी और खूब चुदवाती थी. दोस्तों, बिलकुल उसी तरह से अलीना ने मुझे दोनों बाहों में पकड़ लिया और बड़े आराम से पेलवानी लगी. मैं भी कमर उठा उठा के उसे खाने लगा. वो जाने क्या बुदबुदा रही थी बहुत धीमे धीमे. मैं तो उसे बजाने लगा.

धीरे धीरे हमदोनो की चुदाई की ट्रेन बड़ी तेज सहवास की पटरियों पर दौड़ने लगी. मैं उसे जोर जोर से चोदने लगा. फट फट की आवाज मेरे कमरे में जोर जोर से गूंजने लगी. मैंने अलीना के दोनों हाथ मजबूती से पकड़ लिए और उसके सर के उपर कर दिए. उसका पूरा भरा पूरा जिस्म मेरे सामने था. मैं जोर जोर से उसे ठोंकने लगा. अलीना के मस्त मस्त दूध इधर उधर दौड़ने लगे. चुदवाते चुदवाते उसने अपना बायाँ पैर उपर उठा दिया. मैंने उसका पैर पकड़ लिया और उसे बजाने लगा. मेरे नर्म नर्म स्लीप्वेल वाले बिस्तर पर अलीना जैसी खूबसूरत लडकी की चूत मारना एक मस्त मधहोश कर देने वाला एक्सपीरियंस था. मेरे लौड़े पर उसका बदन झूम रहा था और बिस्तर पर आगे पीछे होकर फिसल रहा था. बड़ा मस्त माल थी अलीना. उसे खाना एक यादगार एक्सपीरियंस था.

अलीना ने अपनी नाभि के नीचे पेडू पर एक खरगोश का पंजा का टैटू बनवा रखा था. मैंने झुककर उसका टैटू चूम लिया. मैं उसे ठोंकता रहा. अलीना ने अपना बांया पैर उपर हवा में उठा रखा था. मैंने उसे उठाकर अपने दाये कंधे पर रख लिया और उसको चोदता रहा. कुछ देर में मैंने अपना माल उसके भोसड़े में छोड़ दीया. १५ मिनट के एक ब्रेक के दौरान हम दोनों एक एक बार बाथरूम में जाकर मूत कर आये. फिर हम चोदन के आसन में आ गये. मैंने इस बार अलीना के दोनों पैर उठाकर अपने दोनों कंधों पर रख लिए. दोस्तों, इससे मुझे उसकी बुर में बड़ी गहरी पकड़ मिलने लगी. मैं उसे पटक पटक कर चोदने लगा. वो किसी गेंद की तरह बिस्तर पर उछलने लगी. उसकी पलती सेक्सी कमर भी मेरे लंड के तेज तेज धक्के से बिस्तर पर उछलने लगी. मैं उसे जोर जोर से हुसड हुसड कर बजाने लगा. फिर कुछ देर बाद तो मेरे लंड को उसकी मक्खनी चूत में ना जाने कैसा आकर्षण मिल गया की मेरा लंड अलिना की झांट साफ़ चूत को पट पट का शोर करते हुए खाने लगा. जैसी कोई मशीन चल रही हो. यौन उतेज्जना के इन्ही कीमती पलों में मैंने अलिना के बाल अपने हाथ में ले लिया और फटर फटर करके उसको पेलने लगा. कुछ देर बाद मुझे उसको कुतिया बनाना ही पड़ा.

जैसे पीछे से अलीना को चोदना शुरू किया उसकी कमर उपर नीचे किसी ऊंट की तरह नाचने लगी. मैं सब समझ रहा था. अलीना इस वक़्त योनी मैथुन के बेशकीमती सुख को भोग रही थी. यही वजह थी की उसकी चूत में बवंडर आ गया था. अलीना को एक सेकंड का चैन नही मिल रहा था. मैं झुक गया और अलीना जैसी खूबसूरत माल की गोरी चिकनी कमर को जगह जगह अपने ओंठों से चूमने लगा. इसे कहते है प्यार वाली असली चुदाई. मैंने सोचा. मेरे वजन को वो सह नही पाई. और पेट के बल मेरे मखमली बिस्तर में लुढ़क गयी. उसके साथ साथ मैं भी उसके उपर लुढ़क गया. अलीना की दोनों नर्म नर्म छाती हो मैंने बाहों में भर लिया. दोस्तों, वो मुझे इस तरह से दे रही थी, जैसे मेरी माल हो. मैंने उसके दूध हाथ से प्रेस करते करते उसके गाल का चुम्बन लेने लगा. उसने विरोध नही किया. और पूरा सहयोग किया. कुछ देर तक हम दोनों प्रेमी युगलों की तरह प्यार जताते रहे.

दोस्तों, अलीना संग योनी मैथुन और गुदा मैथुन का काम अभी बाकी है. पर मैं जल्दबाजी में नही था. तभी मेरे जिगरी यार आफ़ताब का मेसेज मेरे फोन पर आ गया. “गांडू !!…..क्या क्या हुआ???’ आफ़ताब से मजाक में पूछा था.

“…..यार अलीना तो मुझे चूत देने को राजी ही नही हो रही है. अभी तक कुछ नही हो पाया है. सिर्फ दूध पिये है अभी तक !!” मैंने मजाक करते हुए आफ़ताब से झूठ बोल दिया. वो परेशान दिख रहा था. मैंने फोन बेड साइड टेबल पर रख दिया. कुछ देर तक हम दोनों प्रेमी युगलों की तरह मुहब्बत करते रहे. मैंने फिर से अलीना को कुतिया बना दिया. पीछे से लंड उसकी चूत में डाल दिया. और उसे लेने लगा. वो इधर उधर कमर हिलाने लगा. मैंने किसी गाय की तरह उसे सहलाने लगा. तो आफ़ताब की माल अलीना शांत हो गयी. मैं शान से उसकी चूत मारने लगा. कुछ देर बाद मैं आउट हो गया. फिर मैंने अलीना की गांड ली. दोस्तों, आपको ये कहानी कैसी लगी, अपनी कमेंट्स कामुक स्टोरी डॉट कॉम पर जरुर दें.

Desi sex story, mast chudai kahani, girl sex story, saheli ki bhai, chudai ladke, girl ki chudai, desi kahani, mast kahani, kamuk kahani, sexy girl sex, girlfriend se, indian sex kahani, मस्त चुदाई, देसी चुदाई कहानी, सेक्सी गर्ल सेक्स, सेक्स कहानी, मस्ती में चुदाई

loading...

जिसकी कहानी पढ़ी उसका नंबर यह से डाउनलोड करलो Install [Download]

सविता भाभी वीडियो चाट न्यूज़ Apps Install करके तुरंत Bhabhi से बात करिये Download


Reply