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मौसी की निकली सी सी

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दोस्तो, ये मेरी पहले कहानी है..

आशा करता हूँ की आपको पसंद आएगी..

अब मैं आपको, अपने बारे मे बताता हूँ.

मेरा नाम करण है (बदला हुआ नाम) मैं ६ फुट लंबा, रंग गोरा और शरीर मे ठीक ठाक हूँ, मेरा लंड ६ इंच लंबा है.

मस्त कहानियाँ हैं, मेरी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर !!! !!

यह कहानी तब की है, जब मैं अपनी मौसी के यहाँ रहता था..

मेरी मौसी एक हसीन हुस्न की मालकिन है, जिसे देख कर किसी का भी लन्ड़ खड़ा हो जाए.. जब वो चलती हैं तो उनके दोनों कूल्हे हिलते हुए कयामत मचाते हैं..

मेरा मन उन्हें चोद्ने को हमेशा करता था..

हमारी आपस मे खूब जमती थी, थोड़ा बहुत मज़ाक भी कर लेते थे.

मेरे मौसाजी एक फॅक्टरी मे जॉब करते थे.. उनकी कभी नाइट की तो कभी डे शिफ्ट रहती थी..

दोनों की उम्र मे, काफ़ी अंतर था.

तो शायद इसलिए, उन दोनों मे सेक्स भी बहुत कम होता था.. वो कुछ परेशान सी रहती थी..

मैं छुप छुप के उनकी मोटी नितंबो को देखता रहता और मन ही मन, उनको चोद्ने का प्लान करता रहता..

कभी – कभी तो वो मुझे देख लेती पर ऐसे दिखाती की उन्होंने कुछ देखा ही नहीं..

एक दिन मौसा जी की नाइट शिफ्ट थी और घर पर भी कोई नहीं था तो मौसी ने मुझसे कहा की मैं उनके कमरे मे सो जाउ…

मैं मान गया..

फिर, मौसी जी खाना बनाने लगी..

उन्होंने गहरे गले की नाइटी पहन रखी थी, जिसमे से उनकी आधी चुचि दिख रही थी..

उसे देख मेरा ६ इंच का लंड खड़ा हुआ फूँकार मार रहा था.. ऐसा मन कर रहा था की उन्हें यही चोद दूं पर कुछ कर नहीं सकता था..

डर लगता था की घर बता देंगी तो मेरा क्या होगा..

वो खाना ले कर आई..

जैसे ही वो नीचे झुकी उनकी चुचि नाइटी से बाहर आने को तैयार थी.

जिसे देख कर मेरा लंड और भी कड़क हो गया..

मौसी ने उसे देखा और मुस्कुराते हुए खाना खाने को कहा..

हमने साथ खाना खाया और कुछ देर टीवी देखने के बाद सोने चले गये.

मौसी ने मुझे अपने बेड पर ही सोने को कहा, पर जिसके साथ इतना मस्त माल सो रहा हो उसे नींद कहा आएगी..

कुछ देर बाद, मैंने देखा की मौसी सौ गई थी..

मेरा मन उन्हें चोद्ने को कर रहा था पर क्या करता फिर अचानक मौसी ने करवट ली और एक हाथ मेरे लण्ड पर रख दिया और मेरा लण्ड एकदम कड़क हो गया पर मौसी एसे ही सोए रही..

मैंने भी हिम्मत करके सोचा की जो होगा देखा जाएगा और अपना हाथ मौसी की चुचियो पर रख दिया पर मौसी ने कुछ प्रतिक्रिया नहीं की..

मेरा होसला बढ़ गया फिर मैंने धीरे – धीरे अपना हाथ उनकी नाइटी मे घुसाया.

उन्होंने ब्रा नहीं पहन रखी थी, जिससे उनकी मोटी – मोटी चुचि अब मेरे हाथ मे थी.. मैं उन्हें धीरे धीरे दबाने लगा..

मौसी कुछ नहीं कह रही थी, ऐसा लग रहा था की उन्हें भी मज़ा आ रहा था.

फिर मैंने दूसरे हाथ से उनकी नाइटी नीचे से ऊपर उठाई और उनकी चूत पर हाथ फैरने लगा उन्होंने पैंटी पहन रखी थी..

फिर मैंने धिरे से उनकी पैंटी को उतारा और जैसे ही चूत को छुआ..

मैं सिहर गया..

मेरा लंड लोहे की छड़ी सा हो गया. उनकी चूत गीली हो चुकी थी, जैसे ही मैंने अपनी उंगली उनकी चूत मे डाली उन्होंने अपनी जांघों से मेरा हाथ दबा लिया.

मेरे तो होश उड़ गये थे की अब क्या होगा.

उन्होंने कुछ नहीं कहा और अपने हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगी..

यह देख मुझे जोश आ गया और मैं उनके ऊपर जा कर उनके होंठ को चूमने लगा.

फिर मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए…

उस धीमी लाइट मे हुस्न की परी लग रही थी वो..

फिर, उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए.. हम ६९ की पोज़िशन मे आ गये..

मैं उसकी चूत चाट रहा था और वो मेरे लंड को गपा गॅप खा रही थी.

जैसे ही मैंने चूत के दाने को छेड़ा, मौसी ने सिसकिया भरनी शुरू कर दी.

सारा कमरा सिसकियो से गूँज उठा. कमरे मे – उंह… आह ह आह ह उम्म्म्म म म म म उम्म्म्म उंह आँह की आवाज़े आ रही थी..

मौसी कहने लगी – करण, अब डालो ना… अब सहा नहीं जा रहा…

फिर, मैं उठा और अपना लंड उसके मुँह मे डाल कर उसको चोद्ने लगा.

फिर मैंने धीरे से अपना ६ इंच का लंड उसकी चूत की दरार मे डाला और एक जोरदार धक्का मारा..

चूत कसी हुई थी इसलिए उसे बहुत दर्द हो रहा था.

मैं रुका और थोड़ी देर बाद फिर एक जोरदार धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत मे उतार दिया..

वो चीखने लगी – हाए हरामी, अपनी मौसी को मार दिया रे कुत्ते… फाड़ दी मेरी चूत… अब चोद इसे… फाड़ दे इसे… चोद मेरे राजा और ज़ोर से चोद… आज इस मौसी को अपनी रखेल बना ले… फाड़ दे इस चूत को इसका भोसड़ा बना दे… अब चोद इसे फाड़ दे…

इतना सुनते ही, मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा..

मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रखे और उसकी चूत को चोद्ता रहा..

मैंने पंद्रह मिनट तक उसकी चुदाई की. इस बीच वो एक बार झड़ चुकी थी.

मैं भी झड़ने वाला था..

मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और ज़ोर – ज़ोर से धक्के मारने लगा.

मैंने पूछा – मौसी कहा झाड़ू…

मौसी ने कहा – अब इस चूत का भोसड़ा बना दिया है तो इसी मे झड़ जा… और मैंने अपना सारा रस मौसी की चूत मे झाड़ दिया और मैं मौसी के ऊपर ही लेट गया..

सारी रात हम नंगे ही रहे.. उस रात हमने तीन बार चुदाई की.. ..

अब जब भी हम साथ होते है, तो अक्सर चुदाई करते हे.

आपका दोस्त – करण यादव

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