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माँ की चुदाई के बाद मामी को भी चोदा

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हैल्लो दोस्तों, में आपके लिए लाईफ की रियल स्टोरी फिर ले आया हूँ। दोस्तों में अपनी माँ को चोदता था अब मामी की चुदाई करने के बाद ये स्टोरी लिख रहा हुआ। फिर एक दिन हम वहाँ से मेरे मामा के गावं चले गये। वहां जाते वक़्त माँ ने कहा कि ये सब वहाँ पर नहीं चलेगा। ये सुनकर मेरा मूड ऑफ हो गया। फिर हम मामा के गावं पहुँच गये थे। मामा हमें रेल्वे स्टेशन पर लेने आ गये।

जब हम घर पहुंचे तो देखा कि मामी हमारी राह देख रही है। उस दिन हमने थोड़ी बातें की और सो गये, जैसा कि मेरी माँ ने मुझे कहा था कि मुझे वहाँ माँ के साथ कुछ नहीं करने को मिलेगा। में उदास हो गया था। फिर मैंने कैसे-कैसे करके 2 रातें काटी, लेकिन मुझसे रहा नहीं जा रहा था।

फिर में माँ के पास गया और कहा कि मुझे आपसे कुछ बात करनी है। वहाँ मेरी मामी भी थी। मैंने माँ से कहा कि मुझे आपसे अकेले में कुछ बात करनी है तो मामी ने मुझे स्माइल की और कहा कि क्या बात है? माँ से अकेले में बात करनी है अच्छा कर लो, में जाती हूँ।

फिर मैंने दरवाजा बंद कर दिया और माँ को कसकर पकड़ लिया और लिप पर ज़ोर का किस किया और कहा कि माँ मुझसे रहा नहीं जाता, मुझे एक बार आपकी चूत चाटने दो। तभी माँ बोली और मुझे खुद से अलग कर दिया, फिर मैंने माँ को कसकर पकड़ा तो माँ बोली और एक हफ्ते की बात है।

फिर मैंने माँ से कहा पर एक बार किस तो दे सकती हो ना, तो माँ ने स्माइल की और मेरे लंड को पकड़कर हिलाना चालू किया और किस करने लग गई और 2 मिनट तक़ किस करने के बाद माँ ने खुद को संभाला और मुझे कहा अब बस हो गया।

फिर में भी इसी में मान गया और दरवाजा खोलकर बाहर आया तो मामी कुछ काम नहीं कर थी। फिर उसने पूछा कि हो गई माँ से बात, तो मैंने कहा कि हाँ थोड़ी हुई है। फिर में खेलने के लिए बाहर चला गया। वहां मुझे मेरा पुराना दोस्त मिला। वो तब का दोस्त था जब में गावं आता था और जब में चोथी क्लास में था। अब वो मेरे आगे था। आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर मैंने उसे हाय किया तो उसने भी मुझे पहचान लिया और उसने भी मुझे हाय किया और हम दोनों पूरे गावं में घूमे। वहाँ हमारी ऐसे ही बातें हो रही थी। तभी मैंने वहां देखा कि एक औरत अपने कपड़े बदल रही थी, तो मुझे वो देखकर मेरी माँ की याद आ गई। मेरा दोस्त जिसका नाम रामू था हम दोनों ने वो नज़ारा देख लिया और बाद में हम दोनों के बीच में सेक्स की बातचीत होना चालू हो गई।

फिर मैंने कहा यार इस औरत के मस्त थे ना, एक बार ये चोदने को मिल जाती तो मज़ा आ जाता। रामू बोला कि ये तो कुछ नहीं गावं के बाहर इससे भी मस्त-मस्त आइटम है। फिर मैंने कहा तुझे कैसे पता? तो रामू बोला कि मैंने 4 लड़कियों को चोदा है तो में जानकर भी अंजान बना रहा और उससे पूछा कि तुझे क्या मज़ा आया था?

तूने कैसे चोदा था? तो रामू बोला कि उनका एक आदमी गावं के बाहर बैठता है, उसे 100 रुपए देकर वो नई-नई लड़की और औरतों से चुदाई करवाता है। में आज भी वहां जाने वाला हूँ। मैंने कहा कि अरे में भी आऊंगा, लेकिन वो बोला कि वो शाम के 7 बजे वहाँ आता है और एक गावं में जगह बताता है, वहाँ आइटम खड़ी रहती है और वहाँ जाकर चोदना पड़ता है।

फिर में झट से घर आया और माँ से कहा कि आज में रामू के जा रहा हूँ और वापस आते-आते देर हो जायेगी। मेरे साथ रामू भी था तो माँ ने हाँ कहा और हम एक साथ चले गये। हम वहाँ 15 मिनट जल्दी पहुंच गये थे। फिर वहां एक लंबा सा आदमी साईकिल पर आया।

फिर रामू आगे गया और उसने उसे कुछ पैसे दिए और कहा कि मेरे दोस्त को आइटम चाहिए तो उसने रामू के कान में कुछ कहा। फिर रामू मेरे पास आया और मुझसे कहा कि सिर्फ़ तुझे वहाँ अकेला जाना होगा, वो आइटम नदी के उस पार आ जायेगी। मैंने रामू से कहा कि में तुझे 9 बजे यहाँ पर ही मिलूंगा और तू साईकिल लेकर आ जाना।

फिर में पुल पार करके नदी के उस पार पहुँच गया। वहां एक झोपड़ा था और बाहर एक दिया जल रहा था। मुझे रामू ने कहा था कि अंदर जाने से पहले चार बार दरवाजे को बजाना तो मैंने वैसा ही किया तो अंदर से आवाज़ आई अंदर आ जाओ। फिर जब में अन्दर गया तो एक औरत बेड पर मेरी तरफ पीठ करके बैठी थी। आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

अब मुझसे रहा नहीं गया। अब मुझे उसकी पीठ में अपनी माँ दिखाई दे रही थी तो मैंने उसे झट से पीछे से पकड़ लिया और उस झोपड़े में लाईट नहीं थी सिर्फ़ दिए जल रहे थे, लेकिन उस औरत की खूबसुरती उसमें भी बहुत अच्छी लग रही थी।

फिर मैंने उसे अपनी तरफ घुमाया और उसका चेहरा देखना चाहा तो मैंने झट से उसे छोड़ दिया और उठकर बाजू में खड़ा हो गया। फिर थोड़ी देर के लिए वो भी डर गई थी। फिर हम एक दूसरे को देखते ही रहे, क्योंकि जिसे में चोदने आया था वो मेरी मामी थी।

फिर थोड़ी देर तक़ हम एक दूसरे के चेहरे ही देखते रहे। अब मेरे मुँह से कुछ निकल नहीं पा रहा था। फिर करीब 10 मिनट के बाद मैंने मामी से पूछा आप यहाँ कैसे? लेकिन आपको ये सब करने की क्या ज़रूरत है? तो मामी थोड़ी शर्म के मारे झुकी और कहा कि तेरे मामा का लंड सिर्फ 4 इंच का ही है और वो मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते तो मैंने सोचा कि यही सही है।

फिर मामी नीचे मुँह करके बैठी रही और उन्होंने अचानक से पूछा कि लेकिन तू यहाँ क्या कर रहा है? तुझे ये शौक कब से आ गया, अभी तो तू छोटा है।फिर मैंने मामी से कहा कि में दिखने में छोटा हूँ, लेकिन में आपकी तमन्ना पूरी कर सकता हूँ। फिर मामी बोली कि अरे तू क्या मेरी तमन्ना पूरी करेगा?

तेरा भी तेरे मामा की तरह 3 से 4 इंच का होगा। फिर मैंने भी कहा अच्छा और मामी के लिप पर किस कर दिया और लिप पर काट लिया। तो मामी बोली अबे हरामी मामी को किस करते-करते काटता है। फिर मैंने उनके बूब्स दबाने चालू कर दिए।

मैंने कभी मामी को उस नज़र से नहीं देखा था, लेकिन मामी ने मुझे ललकार कर उन्हें चोदने के लिए उकसाया। फिर मैंने मामी के सारे कपड़े उतार कर फेंक दिए और अब मामी मेरे सामने पूरी नंगी थी। अब वहां लाईट नहीं होने के कारण में उनकी पूरी बॉडी साफ-साफ़ देख नहीं पा रहा था।

में अभी तक कपड़ो में था। फिर मैंने मामी की चूत को चाटना चालू किया। मुझे मेरी माँ की चूत की याद आ गई। अब में मामी की चूत चाटता रहा। अब मामी मुझे बोल रही थी कि अरे हरामी क्या कर रहा है? वहाँ तेरा लंड डाल, चाट क्यों रहा है? अब वो अहहह्ह्ह आआहाह कर रही थी।

फिर मैंने मामी के बूब्स को दबाना चालू किया और चूत को चाटने के बाद मैंने उनके बूब्स को चूसा और मामी की चूत में मेरी 2 उंगलियाँ डाल दी। अब मामी इन 15 मिनट में ही 2 बार झड़ चुकी थी। जब मामी दूसरी बार झड़ी तो मैंने मामी कि चूत पूरी चाट कर साफ कर दी। अब मामी बोली अब तेरा लंड निकाल कर मुझे दिखा। ये सुनकर मामी की चुदाई की इच्छा और बढ़ गई l

मैंने मेरी चड्डी निकाली और मामी के देखते ही उसके होश उड़ गये और मेरा 7 इंच लम्बा लंड देखकर मामी बोली कि ये तो लंड का बाप है। फिर मैंने कहा इसे आपके मुँह में ले लो, तो मामी बोली इससे क्या होगा? तो मैंने कहा जैसे मैंने आपकी चूत चाटी तो आपको मज़ा आया ना, वैसे ही मुझे भी मज़ा आयेगा, तो मामी ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी।

फिर 5 मिनट के बाद मैंने मामी को रोका और कहा कि अपने पैर फैला दो, तो मामी ने झट से अपने पैरो को फैला दिया और कहा कि डाल दे अपना हथियार। फिर मैंने अपने लंड पर थोड़ा थूक लगाया और चूत के सामने रखा तो मामी के मुँह से आहह की आवाज निकल आई अहहाहह आहह्ह्ह्ह अभी मेरा लंड अंदर भी नहीं गया था। आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर मैंने थोड़ा धक्का मारा और 2 से 3 इंच लंड अंदर चला गया, तो मामी जोर से चिल्लाई। फिर मैंने मामी को किस करना चालू किया। अब मामी बोल रही थी कि थोड़ा धीरे करो, मेरी चूत फट जायेगी। फिर मैंने किस करते समय और एक ज़ोर का धक्का मारा और मेरा पूरा लंड मामी की चूत में समा गया।

मामी थोड़ी ढीली हो गयी। फिर में थोड़ी देर रूक गया और मामी को किस करके पूछने लगा कि ज्यादा दर्द तो नहीं हो रहा है ना तो मामी ने कहा कि तू लगा रह, मुझे कुछ नहीं होगा, मज़ा आ रहा है। ये सुनने के बाद मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने चालू कर दिए।

फिर मैंने कम से कम 20 मिनट तक़ मामी को चोदा और जब में झड़ने वाला था तो मैंने मामी से पूछा कि मेरा पानी गिरने वाला है क्या करूँ? तो मामी बोली कि तेरे लंड से मुझे मेरी ज़िंदगी का मज़ा आया है, तेरा पानी अंदर डाल दे।

अब में पूरी तरह से थक चुका था। फिर जब मैंने अपना लंड मामी की चूत से निकाला तो मैंने देखा कि मेरे लंड पर थोड़ा खून लगा हुआ था।मामी की चुदाई के बाद, मामी बोली कि तेरे मामा के अलावा तू चोथे नम्बर का मर्द है जो मुझे चोद चुका है, लेकिन तेरे में जो बात है वो किसी में नहीं है।

फिर मैंने भी कहा कि मामी आप भी किसी रांड से कम नहीं हो, फिर ऐसा कहकर हम दोनों निकले। फिर मैंने मामी से बोला कि एक किस हो जाए तो मामी मेरे पास आई और बोली कि एक क्यों? जितने चाहें ले ले। फिर मैंने उन्हें किस किया और हम झोपड़े से बाहर निकल गये । मेरी कहानी सुन कर आपकी चूत गीली हुई या लंड खड़ा हुआ की नहीं मुझे जरुर बताये।

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