चाची की जवानी रसमलाई और जमकर चुदाई

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हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाना चाहता हूँ जिसमें मैंने अपनी चाची से बदला लिया और उनको बहुत जमकर चोदा और उसकी चुदाई के मज़े लिए। पहले वो नाटक करने लगी, लेकिन उसके बाद मैंने उनकी कोई भी बात ना सुनते हुए उनको जबरदस्ती चोदना शुरू किया और अपने लंड को शांत करके अपना बदला अपनी चाची से लिया। दोस्तों यह कोई झूटी कहानी नहीं बल्कि मेरा सच्चा सेक्स अनुभव है, जिसको आज में मस्ताराम.नेट के सभी चाहने वालों को बताना चाहता हूँ कि कैसे मैंने अपना बदला लिया।

दोस्तों मेरा नाम अंकित है और घर पर सभी लोग मुझे प्यार से गोलु कहकर बुलाते है। में कर्नाटक का रहने वाला हूँ और मेरी लम्बाई 5 फीट 7 इंच है। दोस्तों यह बात तब की है जब मेरे घरवालों ने हमारे साथ ही हमारा घर किराए पर दे रखा था और वो लोग जो हमारे साथ रहते थे वो हमारे दूर के रिश्तेदार थे, लेकिन फिर भी वो हमारे घर के सदस्यों से कम नहीं थे और उनको यह हक मेरे पापा मम्मी ने दे रखा था।

दोस्तों वो अपने छोटे से परिवार के साथ दोनों पति पत्नी साथ में उनकी एक छोटी लड़की भी रहती थी और में उनको हमेशा चाचा, चाची कहता था और उनकी शादी को करीब सात हो गए थे और मेरे चाचा एक व्यापारी थे और चाची एक ग्रहणी और उनकी एक छोटी तीन साल की लड़की भी थी।

दोस्तों मेरी उस चाची का पूरा बदन बहुत आकर्षक था और उनके फिगर का साइज़ 35-28-34 था। उनकी लम्बाई 5.3 फीट उनके बालों का रंग बहुत काला और चमकदार था उनका रंग गोरा और वो दिखने में बड़ी सुंदर थी और वैसा ही उनका बदन भी था, जिसको देखकर मुझे वो परी के जैसी लगती थी और उनकी उम्र 28 साल और और बच्चे की माँ होने के बाद भी वो कुंवारी लगती थी।

दोस्तों मेरा अपनी सेक्सी चाची की तरफ झुकाव तो 15 साल की उम्र से ही हो गया था, क्योंकि वो बहुत सुंदर आकर्षक लगती थी और जब एक बार मेरे किसी बात को लेकर उदास होने पर मेरी चाची ने मुझे पहली बार अपने गले से लगाकर समझाया था वो मेरे शरीर को छूने का पहला मौका था, लेकिन तब में छोटा था, इसलिए मेरी कुछ भी करने की हिम्मत नहीं थी, क्योंकि वो मुझे ज़रा सी बात पर डांट दिया करती थी और वो हमेशा मेरी शिकायत भी मेरे मम्मी, पापा से बहुत ज्यादा किया करती थी।

वो हर एक छोटी छोटी बातें भी मेरे घरवालों को बता दिया करती थी, इसलिए में उनसे कुछ ऐसा करके अपना बदला लेना चाहता था, जिसको वो अपनी पूरी जिंदगी याद रखे, लेकिन मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि वो बदला में उनकी चुदाई करके पूरा करूंगा।

दोस्तों मेरे कुछ साल उनको देखने और उनकी डांट फटकार सुनने में ही निकल गया और में अब पहले से बड़ा हो चुका था, लेकिन मेरे मन में अब भी उनसे बदला लेने की वो बात थी, जिसको में अभी तक नहीं भूल सका और मुझे कैसे भी करके उनसे अपना बदला पूरा करना था। में उसके विचार में लगा रहा।

दोस्तों यह बात आज से एक दो साल पहले की है जब में अपनी कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था और में उस समय कॉलेज के पहले साल में था और अपने कॉलेज में आने वाले पेपर की तैयारी कर रहा था इसलिए मेरा ध्यान उस समय अपनी पढ़ाई में ज्यादा था, तो में जब भी अपने कॉलेज से घर आता, तब घर में चाची के अलावा कोई नहीं होता था, क्योंकि मेरी मम्मी और पापा उनके ऑफिस चले जाते थे और वो दोनों अपनी एक कंपनी में काम करते थे और फिर में घर आने के बाद अपने सभी कामों को खत्म करने के बाद अपनी चाची के साथ टीवी देखता था।

उस वक़्त मेरी चाची की सिर्फ़ एक लड़की थी जो सिर्फ़ एक साल की ही थी और वो हर दिन दोपहर में सो जाया करती थी। मेरी चाची की लेटकर टीवी देखने की आदत थी और में उनसे बहुत घुलमिल जाने की वजह से कभी कभी आगे बढ़ने के लिए में उनके कंधे पर बातों ही बातों में हाथ या अपना सर रख देता था।

यह ऐसी हरकते में इसलिए करता था, क्योंकि में धीरे धीरे उनसे अपनी दूरी खत्म करना चाहता था। फिर वो कई बार मुझे ऐसा करने के लिए मना कर देती थी और मुझे उनसे वापस दूरी बनानी पड़ती थी, लेकिन दोस्तों सच कहूँ तो में अब अपनी चाची के बारे में सोचते हुए मुठ मारते मारते बहुत थक चुका था और इसलिए शायद में उनकी चुदाई का प्रयास करता थाl

इसलिए में यह काम करता था कि शायद मुझे उनकी चुदाई का कोई भी अच्छा मौका मिल जाए और इसलिए में अपनी चाची के सोने के बाद जानबूझ कर उनके पास में ही सो जाता था और में कुछ देर बाद उनकी लड़की को चुपके से हमारे बीच में से हटाकर अपने दूसरी तरफ सुला देता था। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

जिससे हमारे बीच की दूरी खत्म हो जाती और में अपनी चाची से एकदम चिपककर सो जाता था। दोस्तों मेरी इस हरकत को चाची बहुत दिनों से गौर कर रही थी और उन्होंने मुझे बहुत बार अपने चिपककर सोता हुआ पाया था, लेकिन उन्होंने मुझसे कभी भी कुछ नहीं कहा था, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत अब और भी ज्यादा बढ़ गयी और उस बात को सोचकर में मन ही मन बहुत खुश रहता था, क्योंकि अब मुझे उम्मीद थी कि चाची भी मुझसे कुछ चाहती है और तभी तो वो मेरी उन हरकतों का कोई भी विरोध नहीं कर रही थी।

एक दिन ऐसे ही जब चाची दोपहर के समय टीवी को देखते देखते अचानक से सो गयी। फिर तब मैंने उनके सो जाने के करीब दस मिनट के बाद थोड़ी सी हिम्मत करके अपना एक हाथ उनके पेट पर रख दिया, तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ, क्योंकि उनका पेट बहुत मुलायम गरम था और मैंने उनके पेट को पहली बार छूकर महसूस किया था।

फिर कुछ देर बाद मैंने पेट से उनकी साड़ी का पल्लू भी हटा दिया, लेकिन तब भी चाची ने कुछ नहीं कहा और उनकी तरफ से कोई भी हलचल नहीं हुई जिसका मतलब साफ था कि वो उस समय गहरी नींद में सो चुकी थी, जिसकी वजह से मेरे मन में हिम्मत कुछ ज्यादा ही बढ़ रही थी।

अब में अपने हाथ से उनके गोरे गोरे पेट को सहलाने लगा था और अपने हाथ को बहुत धीरे से उस पर घुमा रहा था, लेकिन तभी वो हिलने लगी और मैंने अपना हाथ तुरंत वहां से हटा लिया और अब उन्होंने अपनी पीठ को मेरी तरफ कर दिया और वो दोबारा से सो गयी, लेकिन मैंने देखा कि अब भी उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा और मैंने कुछ देर बाद दोबारा से अपनी चाची की पीठ पर जो उन्होंने बड़े गले का ब्लाउज पहना हुआ था l

उसमे से उनकी पीठ आधी खुली थी, जिसको देखकर में अपने आप को रोक ना सका और मैंने तुरंत उनकी खुली हुई गोरी पीठ पर एक किस किया और फिर उनके पेट पर मैंने अपनी पकड़ को मजबूत कर दिया और उनको कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया।

अब चाची करवट लेकर अपनी पीठ के बल सीधी होकर लेट गयी, तब मैंने उनका एक हाथ उठाकर अपने सर के नीचे रख दिया और कुछ देर बाद अपना सर उनके बूब्स पर और अब एक हाथ उनकी कमर के नीचे और दूसरा हाथ उनके दूसरे बूब्स पर रखकर में हल्के हल्के उनके बूब्स को दबाने सहलाने लगा और फिर में अपने एक पैर से चाची की चूत के ऊपर हल्के हल्के रगड़ने लगा और चूत को कपड़ो के ऊपर से सहलाने लगा था।

दोस्तों मेरा लंड जो कि 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है, वो अब चाची की जांघ से छू रहा था और वो तनकर खड़ा था, जिसकी वजह से उससे हल्का सा पानी भी निकलने लगा था। तभी अचानक से चाची ने अपने होंठो को मेरे होठों पर रखकर हटा लिया और में तुरंत समझ गया कि चाची सो नहीं रही है और वो तो मेरे सामने जानबूझ कर सोने का नाटक कर रही हैl

फिर मैंने चाची का चेहरा पकड़कर अपनी तरफ घुमा दिया और में उनके गुलाबी रसभरे होठों पर किस करने लगा, लेकिन अब भी चाची सोने का नाटक करती रही और उसके बाद में धीरे धीरे चाची के ब्लाउज के हुक को खोलने लगा और ब्लाउज के हुक खोलने के बाद में अब चाची के बूब्स को उनकी ब्रा के ऊपर से ही दबाने सहलाने लगा और तब मुझे चाची के चेहरे की बनावट से साफ साफ पता चल रहा था कि वो अब तक कितनी गरम हो चुकी है।

अब मैंने उनकी साड़ी को ऊपर से हटा दिया और उनके ब्लाउज में अपना हाथ डालकर मैंने उनकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और उसके बाद में धीमे धीमे उनके बूब्स को सक करने लगा। वो अब भी अपनी दोनों आँख बंद किये हुए थी, लेकिन अब उन्होंने मेरे सर के नीचे वाले हाथ से मुझे कसकर पकड़ लिया था।

तब मैंने उठकर कमरे का दरवाजा लगा दिया और मैंने दोबारा उनके पास जाकर उनको अपनी गोद में उठाकर उनकी ब्लाउज और ब्रा को मैंने अब उतार दिया था। जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने आधी नंगी थी और में अपने एक हाथ से उनके एक बूब्स को दबा रहा था और दूसरे बूब्स को चूस रहा था और अपने दूसरे हाथ को में उनकी साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत पर घुमा रहा था।

अब वो धीरे धीरे मोन करने लगी थी आह्ह्हह ऊऊम्म्म्म ऊओह्ह्ह्ह, लेकिन उनकी आँखे अब भी बंद थी। फिर मैंने उनकी साड़ी को ढीला कर दिया और उनके पेटीकोट के नाड़े को खोलकर दोनों को नीचे की तरफ से खींचकर उतार दिया, जिसकी वजह से अब उनके बदन पर सिर्फ़ पेंटी ही बची थी और में उनका भरा हुआ गोरा बदन देखकर बिल्कुल पागल हो रहा था।

फिर मैंने सही मौका देखकर उनकी पेंटी को भी जल्दी से नीचे उतार दिया और मैंने पहली बार देखा कि उनकी चूत एकदम साफ थी जिसको देखकर में बिल्कुल पागल हो गया था और मेरी नजर चूत से हटने को तैयार ही नहीं थी और अब में उनकी गरम कामुक चूत को अपने हाथ से रगड़ने लगा था, जिसकी वजह से चाची अब जोश में आकर अपने शरीर को मोड़ रही थी और सिसकियाँ भर रही थी। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

फिर मैंने चाची की चूत के दाने पर अपनी एक उंगली रखी और में चाची के मुझसे कुछ कहने का इंतज़ार करने लगा और आख़िरकार कुछ देर बाद चाची ने मुझसे कहा कि गोलु अब प्लीज थोड़ा जल्दी से तुम अपनी ऊँगली को अंदर डाल भी दो, मुझे और मत तड़पाओ और वो अपनी आँखे खोलकर मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई।

फिर मैंने उनका इशारा समझकर एक झटके से अपनी दो उँगलियाँ चाची की चूत में अंदर तक डाल दी, लेकिन मुझे बहुत ज़ोर लगाना पड़ा, क्योंकि चाची मेरे चाचा के पास ना रहने की वजह से उनसे कम ही चुदती थी। मेरे चाचा अपने काम से हमेशा घर से बाहर ही रहते और वो अपने कामों में लगे रहते थे, वो चाची को बहुत कम समय देते थे और उनकी बहुत कमी से चुदाई करते थे और इसलिए उनकी चूत अब भी बहुत टाइट थी, जिसकी वजह से उनको बहुत दर्द हुआ।

फिर वो ज़ोर से चिल्लाई आह्ह्हहह ऊह्ह्ह्हह्ह म्माईई माँ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो उफ्फ्फ्फ़ मुझे बहुत दर्द होता है और में दो महीने की गर्भवती भी हूँ। अब उसका भी ध्यान रखो उफ्फ्फ्फ़ प्लीज धीरे धीरे करो वरना बच्चे को परेशानी होगी। दोस्तों तब उस दिन मुझे पहली बार पता चला कि वो दोबारा माँ बनने वाली है और उनके पेट में उस समय कोई बच्चा था और फिर में उनके मुहं से वो बात जानकर उनकी समस्या को समझकर धीरे धीरे अपनी उंगली को आगे पीछे करके उन्हे चोदता जा रहा था और वो मुझसे बोल रही थी आह्ह्ह्हहह वाह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है।

मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे आज मेरी मस्त चुदाई हो रही है मुझे बड़ा आराम मिल रहा है। दोस्तों तब में कुछ देर बाद अपनी ऊँगली को अंदर बाहर करने के साथ साथ उनकी चूत को चाटने, चूसने भी लगा और अब वो बोले जा रही थी आह्ह्हहह उफफ्फ्फ्फ़ गोलु आज पहली बार मेरी चूत को किसी ने इस तरह अपनी जीभ से चाटा है आह्ह्हहह ऊऊहह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है हाँ और तेज़ कर तू बहुत अच्छा लड़का है वाह मज़ा आ गया।

फिर में चाटता रहा और फिर कुछ देर बाद अचानक से उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया, वो मेरा सर पकड़कर अपनी चूत पर दबाने लगी और तभी में तुरंत समझ गया कि वो अब झड़ने वाली है और अब में रुक गया। तो वो चिल्लाने लगी आआअहह ऊउह्ह्ह्ह गोलु प्लीज अब मत रुक साले प्लीज आईईईइ थोड़ा जल्दी से कर नाl

तब मैंने अपनी दोनों उँगलियों को उनकी चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगा और उनकी चूत को अपनी उंगली से चोदते चोदते मुझे पूरे बीस मिनट हो गये थे जिसकी वजह से अब मेरा हाथ भी दर्द कर रहा था, लेकिन मुझे वो सब करने में बहुत मज़ा भी आ रहा था और फिर थोड़ी ही देर में चाची अब झड़ गयी थी और उनकी चूत ने बहुत सारा पानी छोड़ दिया था, जिसको देखकर में दूर हट गया था।

फिर मैंने उसके बाद सही मौका देखकर अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए और जब मेरा लंड बाहर आया तब चाची अपनी आखें फाड़ फाड़कर मेरे लंड की लम्बाई मोटाई को देखकर चाची एकदम से डर गयी और वो मुझसे कहने लगी कि में कोई रंडी थोड़ी ना हूँ, तू शायद भूल गया है कि में तो तेरी चाची हूँ और तू मुझे नहीं चोद सकता। चल अब इसको कपड़ो के अंदर कर ले, क्यों मुझे इसको दिखाकर डरा रहा है।

दोस्तों तब मैंने उनसे बिना कुछ कहे अपना लंड जबरदस्ती चाची के मुहं में डालना चाहा, लेकिन चाची ने साफ मना कर दिया और तब मैंने बिना समय खराब किए चाची को जबरदस्ती बेड पर पटककर उनके दोनों पैरों को फैला दिया और अपना लंड उनकी चूत के मुहं पर रखकर मैंने एक ज़ोरदार धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड चाची की चूत में घुस गया। अब चाची के मुहं से खुद ब खुद बहुत ज़ोर की चीख बाहर निकल गई और वो उस दर्द की वजह से ज़ोर ज़ोर से चीखने, चिल्लाने लगी।

वो मुझसे कहने लगी आह्ह्हहह माँ में मर गई आईईईईई साले कुत्ते हरामी छोड़ दे मुझे, तेरा लंड बहुत मोटा है प्लीज ऊईईईईईईई में मर जाउंगी और फिर मैंने देखा कि दर्द की वजह से उनकी आँख से आँसू भी बाहर आने लगे थे और वो मुझे अपने हाथों से धक्का देकर अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगी, लेकिन मेरी मजबूत पकड़ की वजह से वो असफल रही और उनका चिल्लाना अभी तक भी जारी था।

अब मैंने उनके दोनों हाथ पकड़ लिए और फिर अपने लंड को मैंने थोड़ा सा बाहर करके उसी समय दोबारा एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा का पूरा लंड फिसलता हुआ उनकी गीली चूत के अंदर चला गया और वो रोते हुए मुझसे बोली कि गोलु प्लीज़ अब तू मुझे छोड़ दे आह्ह्ह्हह्ह आईईईइ मुझे बड़ा दर्द हो रहा है और देख में गर्भवती भी हूँ प्लीज़ मुझे अब मत चोद तेरा बहुत मोटा है इससे मेरी फट जाएगी तू यह सब मेरे साथ क्या कर रहा है? मेरे ऊपर कुछ तो रहम कर। अब बस कर, आज के लिए बहुत है।

फिर मैंने अपनी चाची से पूछा कि पहले यह बताओ कि मेरा क्या मोटा है और तेरी क्या फट जाएगी? तो वो कुछ देर चुप रहने के बाद बोली कि तेरा लंड बहुत मोटा है और इससे मेरी चूत फट जाएगी हरामी, कुत्ते छोड़ दे मुझे, साले तू अब मुझसे क्या चाहता है? तो मैंने कहा कि साली कुतिया तू खुद तो झड़कर शांत हो गयी, मादरचोद की औलाद और मेरे समय पर इतना नखरा दिखाती है। में आज तेरी चूत को तो सच में फाड़ डालूँगा और चुपचाप पड़ी रहकर मेरा साथ दे और अपनी चुदाई का मज़ा ले, यह नखरा करना बंद कर दे। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

फिर में उसके ऊपर लेटकर अपने लंड को थोड़ा सा बाहर निकालकर फिर अपनी पूरी ताक़त से अंदर डालते हुए उसको चोदने लगा और वो रोए और चिल्लाए जा रही थी, वो मुझसे कह रही थी कि मादरचोद छोड़ दे, जाने दे मुझे आह्ह्ह्हह्ह बहुत दर्द हो रहा है, में मर जाउंगी।

फिर मैंने उससे कहा कि साली कमीनी कुतिया तू मुझे मेरी हर छोटी छोटी गलती पर बहुत बार डांटती थी और मेरी मम्मी पापा से मेरी शिकायत भी तू बहुत बार करती थी, ले अब आज तू उन सबकी गलती भुगत, आज क्यों तुझे अहसास हो रहा होगा? तो उसने कहा कि में अब दोबारा कभी भी तेरी कोई भी शिकायत नहीं करूँगी, लेकिन तू प्लीज़ थोड़ा धीरे कर और मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन में तो उससे अपना बदला लेना चाहता था l

इसलिए मैंने चाची की कोई भी बात नहीं मानी और चाची मना करने के लिए ना में अपना सर हिलाती रही और वो साथ में रोती भी रही फिर करीब 35-40 मिनट तक लगातार धक्के देने के बाद में झड़ गया और मैंने अपना सारा माल उनकी चूत में डाल दिया।

उसके बाद जब मेरा लंड शांत हुआ तो मैंने चाची को छोड़ दिया और में उनके ऊपर से हट गया। फिर में उठकर बाथरूम में जाकर अपने लंड को पानी डालकर अच्छी तरह से साफ करने लगा। में उस दिन अपनी चाची की चुदाई करके बहुत खुश था, क्योंकि एक तो मुझे उनकी चुदाई का मौका मिला और दूसरा मेरा उनसे बदला भी पूरा हो गया था।

दोस्तों उस चुदाई के बाद मैंने कई बार अपनी चाची की चूत चोदी और उनकी गांड भी मारी। अपने लंड को उनके मुहं में डालकर उनका पूरा मुहं अपने गरम गरम वीर्य से भी भर दिया, लेकिन अबकी बार मैंने उनके साथ सेक्स के मज़े लिए और उनको भी उनके कहने के हिसाब से धीरे धीरे चोदा और उनको हर बार अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट किया, क्योंकि अब मेरा उनसे वो बदला पूरा हो गया था और चाची अब मुझसे नहीं लड़ती थी और ना ही वो मेरी गलतियों को मेरे घरवालों तक पहुंचाती थी।

अब उन्हे मेरे साथ अपनी चुदाई करवाने में बहुत मज़ा आता है और वो हमेशा मुझसे अपनी चुदाई करवाने को तैयार रहती है और कभी भी मना नहीं करती और वो मुझसे कहती है कि में बहुत अच्छी चुदाई करता हूँ और उनको मेरी चुदाई करने का तरीका बहुत अच्छा लगता है, लेकिन दोस्तों अब वो मुझसे दूर चली गई है और वो कहीं दूसरे शहर में रहती है, जिसकी वजह से मुझे उनकी चुदाई करने का मौका ही नहीं मिलता ।।

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