क्लासमेट के घर जाकर उसकी चूत की बैंड बजाई

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हेल्लो दोस्तों मैं आप सभी को अपनी रियल फर्स्ट चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ मुझे पहली बार कब और कैसे चूत के दर्शन हुए मैं आप सभी को अपना रियल नाम नहीं बता सकता. ये मेरी पहली कहानी है तो कोई भूल चुक हुई हो तो मुझे माफ़ करना मेरी इस कहानी पर जरुर कमेंट करना ताकि आगे मैं और भी कहानिया लिख सकू. मैं राजस्थान के अजमेर में रहता हूँ. मैं कॉलेज के पहले साल में हूँ. बात पिछले साल की हे जब मैं 11th में था. मेरी एक सेक्सी क्लासमेट थी. उसका नाम ध्रुवी था. जिसके बड़े बूब्स, लम्बे काले बाल थे जो एकदम ही सेक्सी लगती थी. उसका फिगर भी कोका कोला की बोतल के जैसा था.

कभी कभी मुझे उसकी तरफ से सिग्नल मिलते थे की उसे भी कुछ चाहिए. लेकिन मैं थोडा सा शर्मिला था इसलिए बहुत ध्यान नहीं दिया. हमारी दोस्ती जम गई थी वैसे और स्कुल में तो हम रोज मिलते ही थे. ऐसे ही एक स्कुल के दिन में मैं अपने स्कुल के कंप्यूटर रूम में था अपने एक दोस्त के साथ. वो मेरे पास आई और बोली की क्या तुम सन्डे को मेरे घर पर आ सकते हो? उसकी इस डायरेक्ट रिक्वेस्ट से मैं चौंका. मैंने उसकी आँखों में वासना को देखा और वो मुझे बुरी तरह से पाना चाहती थी. मैंने कहा ठीक हे मैं मोर्निंग में 11 बजे आ जाऊँगा. और ध्रुवी ख़ुशी ख़ुशी वहां से चली गई.

संडे का दिन आ गया और मैं सोच ही रहा था की उसने मुझे क्यूँ बुलाया हे अपने घर पर! मैं उसके घर पहुंचा और दरवाजे को नोक किया. उसने ही दरवाजा खोला और वो एकदम सेक्सी लग रही थी. उसने भी मुझे ऊपर से निचे तक देखा और उसकी नजर एक पल के लिए जैसे मेरे लंड के ऊपर ठहर भी गई थी. मैंने कहा, क्या हुआ अन्दर नहीं बुलाओगी?

ध्रुवी बोली, आज तो तुम्हे सब जगह बुलाना ही हे!

वो दरवाजे को पूरा खोल के अन्दर चली. उसने एकदम सेक्सी स्कर्ट पहना था और अन्दर पेंटी नहीं पहनी थी. उसकी गांड लटक मटक के वो मेरे आगे चल रही थी और मैं उसके पीछे. मैं ध्रुवी की बम्स को ऊपर निचे होते हुए देख रहा था. मैं सोफे के ऊपर बैठा और उसने कहा, क्या लोगे?

मैंने कहा, अंकल आंटी नहीं हे?

वो बोली, वो नहीं हे इसलिए ही तो तुम्हे बुलाया हे.

मैं कहा, क्या दोगी?

वो बोली, जो तुम कहो.

मैंने उसके हाथ को पकड़ा. मेरा दिल एकदम जोर जोर से धडक रहा था. मैंने कहा, पहले तो अपने होंठो से एक पप्पी ही दे दो.

इतना सुनते ही वो मेरी बाहों में लिपट गई और उसने मेरे होंठो के ऊपर किस कर ली. उसकी साँसे और दिल की धडकने भी तेज ही थी. मेरी छाती के ऊपर उसके बड़े बूब्स दब गए. मैंने उसके गले को टच किया और दुसरे हाथ को उसकी कमर की चारो तरफ कर के उसे अपने बदन से लगा दिया. उसके रसीले होंठो के ऊपर चुमते ही वो भी मदहोश हो गई. उसकी चूचियां भी मेरे बदन से लग रही थी और मेरे लंड के 12 बज चुके थे!

मैंने किस करते हुए ही उसके बूब्स को मसले. उसकी निपल्स कडक थी. और जैसे निचे पेंटी नहीं थी वैसे ही ऊपर टी शर्ट के अन्दर ब्रा भी नहीं थी. ध्रुवी के बूब्स एकदम लचीले लेकिन टाईट थे. मैंने उन्हें दबाये और उसका हाथ मेरे लंड के ऊपर आ गया. उसने एकदम जोर से मेरे लंड को दबाया.

उसने अपने होंठो को मेरे लिप्स से हटा लिया और बोली: बहुत दिनों से मैं मौका देख रही थी. मुझे लगा की तूम कुछ कहोगे!

मैंने कहा, मैं तुम्हारी ही वेट कर रहा था जान!

वो सिसकियाँ रही थी और उसका पेट ऊपर नीचे हो रहा था. मैंने उसे खड़ा किया और कपड़ो के बंधन से आजाद कर दिया. वो शर्म के मारे अपनी चूत को छिपा रही थी. मी कहा, अब दिखा दो इसे मेरी कोयल. दोस्तों आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

उसने जैसे ही अपने हाथ को हटाया मैंने उसकी क्लीन शेव्ड चूत को देखा. मैंने कहा, सच कहो मेरे लिए ही आज इसके बाल निकाले हे ना?

वो हंस पड़ी. मैंने उसके हाथ को पकड़ के उसे अपने पास ले लिया और कहा, आज मैं अपनी जान की खुबसुरत वजाइना को चाटूंगा.

वो बेड में लेट गई और अपनी टाँगे खोल के बोली, फिर रोका किसने हे तुम्हे आ जाओ!

मैं उसकी दोनों जांघो के ऊपर अपने होंठो को घिस रहा था. और मेरे एक हाथ की उँगलियों से उसकी चूत को भी हिला रहा था. वो मस्ती में हिल हिल के अपने हाथो से बिस्तर को मरोड़ रही थी. जैसे ही मैंने अपनी जबान को उसकी वजाइना के ऊपर रखा तो वो उछल सी पड़ी.

ध्रुवी की चूत से अलग ही खुसबू आ रही थी एकदम हलकी लेकिन गहरी. मैंने अपनी जबान से उसकी चूत की फांक को ऊपर से निचे तक चाटा. उसकी चूत अन्दर से आलरेडी गीली ही थी. उसने मेरे माथे के ऊपर अपने हाथ को रख के दबा दिया.

मैंने जबान को छेद के ऊपर घिसी तो उसके मुहं से जोर जोर की सिसकियाँ निकल पड़ी. मैंने उसके बूब्स के ऊपर अपने हाथो को रखा और उन्हें एकदम जोर जोर से दबाने लगा. वो जोर जोर से मोअन कर रही थी. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह और जोर से चुसो इसे मेरी जान, साली ने बहुत परेशान किया हुआ हे मुझे, खा जाओ मेरी वजाइना को डार्लिंग.

और उसके ऐसे कराहने से और मोअन करने से मेरे अन्दर की वासना और भी सुलग सी रही थी. मैंने अपनी जबान को ध्रुवी की चूत की दरार में पूरी घुसा दी. उसकी चूत अन्दर से एकदम गरम थी.

फिर मैंने अपने मुहं को उसकी वजाइना से दूर किया और अपने लंड को उसके मुहं के सामने रख दिया. उसे कुछ कहने की जरूरत नहीं पड़ी. उसने मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी. मैंने उसके बाल पकडे हुए थे और वो सकिंग की पक्की खिलाड़ी के जैसी लग रही थी.

मैंने उसे कहा, वाऊ तुम्हे तो लंड चुसना बड़ा मस्त आता हे!

वो लंड निकाल के बोली, बहुत बार देखा हे पोर्न में इसलिए सिख गई हूँ!

मैंने उसे कहा, तुमने पहले कभी सेक्स किया हे?

वो बोली, हां मेरे मामा के लड़के ने मुझे बहुत महीनो पहले चोदा था. और तुम?

मैंने कहा, मैंने कभी नहीं किया.

वो बोली, अजीब सा हे.

मैंने वापस उसके मुहं में लंड डाला. वो फिर से उसे सकिंग देने लगी. एक मिनिट में उसने लंड को एकदम लाल कर दिया.

अब मैंने लंड को उसके मुहं से निकाल लिया. अच्छा ही किया वरना सब पानी छोड़ देता उसके मुहं में ही. फिर मैंने और उसके एक डीप फ्रेंच किस की. वो मेरी जबान को और मैं उसकी जबान को चूस रहा था. और उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ के हिलाया. लंड एकदम कडक था और उसके छेद से प्रीकम निकल रहा था.

ध्रुवी ने सब प्रीकम को चाट लिया और फिर मैंने उसकी टाँगे फैला के उसे बिस्तर में लिटा दिया. मेरा लंड उसकी वजाइना के ऊपर रख के मैंने जैसे ही एक धक्का दिया तो आधा लंड अन्दर घुस गया. मेरे लिए ये पहला चोदने का अनुभव था. वो उछल सी गई. मैंने उसके निपल्स को चुसे और फिर से एक झटका दे दिया. मेरा पूरा लंड ध्रुवी की चिकनी चूत में घुस चूका था. वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह करने लगी थी. मैंने उसे एक धक्का और दिया.

वो बोली, आह तुम्हारा लंड काफी तगड़ा हे.

मैंने उसे किस किया और उसके होंठो को चूसते हुए उसकी चूत को ठोकने लगा. वो भी अपनी कमर को हिला हिला के चुदवाने लगी.

ध्रुवी और मैंने दिनभर चुदाई की. उस दिन उसके मम्मी पापा एक शादी में गए थे और ध्रुवी ने पुरे दिन चुदने का प्लान बनाया था. दोपहर को उसने खाना भी पड़ोस के एक होटल से ही मंगवा लीया ताकि टाइम वेस्ट ना हो.

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