अनीता के जिस्म की कामवासना

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हाई दोस्तो समीर फिर से सच्ची कहानी लेकर आया हूँ. मैं एक कंपनी मे जॉब करता हूँ सॅलरी काफ़ी अच्छी है और लॅंड तो 6.5 का है मुंबई मे रहता हु ये बात उस वक़्त की है जब मैं जॉब सर्च कर रहा था काफ़ी संघर्ष भरा जीवन था तो जॉब के लिअनिता मैं दिल्ली गया था अनिताक सॉफ्टवेर सी मे सॅलरी तो कम थी पर जॉब चाहिअनिता था.

मेरे साथ अनिताक लड़की भी जॉब कर रही थी जिसका नाम अनिता था सुंदर सुशील और बहोत प्यारी मैं तो दिल ही दिल मे उससे प्यार कर बैठा था l सच्चा प्यार हम अनिताक ही अपार्टमेंट मे रहते थे उसके साथ उसकी मम्मी रहती थी उसके पिताजी का देहांत हो गया था उस के मामा उनका ध्यान रखते थे.

अनिताक दिन हम साथ ही घर आ रहे थे तो उसने उसके बारे मे बताया जो काफ़ी सॅड स्टोरी थी ये सुनकर मेरे तो आखो मे पानी आ गया मैने उसे साहनी भूत मे कहा मैं तुम्हारे साथ हू तो वो मेरे गले लगकर रोने लगी मुझे आज भी वो दिन याद है दूसरे दिन मैने उसे मैल किया जिसमे मैने उसे आइ लव यू कहा था उसने वो मैल पढ़ कर मुझे कहा मैं भी तुमसे प्यार करने लग गई हू पर मामा ने मेरी शादी तय कर दी है ये सुनकर मैं बड़ा नर्वस हो गया.

3 दिन जॉब से छुट्टी ले कर घर पर ही था 3 दिन बाद वो शाम को जॉब से सीधे मेरे रूम आई

अनिता – तुम जॉब क्यू नही आअनिता समीर मैं बस मूड नही हो रहा था

अनिता – क्यू

म – मैं तुमसे सच्चा प्यार कर ताहु बस खुद को कंट्रोल करने की कोशिस कर रहा हू

अनिता – समीर मैं भी तुम्हे चाहती हू पर क्या करे जीवन मे सभी बाते मनचा ही नही होती ना हम अच्छे दोस्त बनके रहेंगे है ना उसकी आखोमे आँसू थे मैने उसके आँसू पूछे वो मेरे गले लग गअनिता मैं बही काफ़ी सेनटी हो गया और उसे कस के पकड़ लिया वो भी मुझे कस के दबा रही थी.

उसकी आख बंद थी मैने धीरे से उसका चेहरा हाथो मे लिया नज़ाने कैसे मैने उसके होंठो पे अपने होठ रख दिअनिता वो अनिताकदम से कापने लगी पर आख बंद करे ही मेरे चुंबन का साथ दे रही थी 15 मिनट डीप किस करने बाद हम अलग हुअनिता तो वो जाने लगी मैने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया.

अनिता-समीर मुझे जाना चाहये

म – मैं जॉब छोड़ के जा ना चाहता हू

अनिता -नही समीर ऐसा ना करो मैने उसे पीछेसे पकड़ लिया अपनी बाहो मे जकड़ लिया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा समीर ये ग़लत है मैं कुछ बोले बिना अनिताक हाथ से उसके बूब्स को धीरे धरे दबाने लगा और गर्दन पर किस करते रहा कभी उसके कान के नीचे कभी पीठ पे तो कभी गर्दन पे अब वो भी सिसकिया ले रही थी.

सीईअनिता बस समीर रुक जाओ मैने फिरसे उसे अपनी ऑर घुमाया और डीप किस करने लगा वो भी अब मेरा साथ दे रही थी मेरे बालो मे ज़ोर ज़ोर से हाथ घुमा रही थी मैं पूरा उत्तेजित हो गया था और धीरे धीरे मैने उसके कपड़े निकाल दि अनिता वो शर्मा के दीवार पर चिपक गई. दोस्तों आप ये कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है l

मैं भी अपने कपड़े उतार कर पीछेसे उसे चिपक गया मेरा तना हुआ लंड उसकी गंद को स्पर्श कर रहा था मे उसकी पीठ को सहला रहा था उसे गोद मे उठा कर मैं सीधा बेड पे गया इस बीच किस जारी था कभी उसके बूब्स भी चूस रहा था बेड पे लेटने के बाद मैं सीधा उसकी चूत पर टूट पड़ा और खूब मस्ती मे उसे चूसने लगा.

वो भी मेरा सर ज़ोर ज़ोर से चूत पर दबा रही थी 15 मिनट चूसने के बाद उसने मेरा मुँह ज़ोर्से दबाया और आइ लव यू समीर बोलते हुअनिता झाड़ गई मैने उसे लंड चूसनेको कहा तो उसने मना किया मैने सीधा उसकी चूत पर लंड रखकर धक्का दिया पर लंड फिसल गया.

मैने उसके गंद के नीचे तकिया लगाया तो उसकी चूत का पोर्षन थोड़ा उपर आया फिर मैने धीरे से लंड को चूत पर टीका कर धक्का लगाया तो लंड चूत को चीरते हुअनिता अंदर जाने लगा वो चिल्ला पड़ी नाता प्लीज़ अनिता याया बाहर निकालो.

पर मैं बिना सुने आगे बढ़ता गया वो मुझे पीछे लोटने की कोशिश कर रही थी पर मैं अंदर घुसे जा रहा था मेरे लंड पे उसकी चूत का खून साफ दिख रहा था.

मैं उसे रफ़्तार से चोदे जा रहा था समीर ईईइ ल्ल उूउउ मई पूरे जोश मे चोद रहा था करीब आधा घंटा चोदने के बाद मैं ख़तम होने वाला था तो मे उछल उछल के चोदने लगा उसने मुझे कस कर पकड़ लिया अनिता को ज़ोर का धक्का दे के आइ लव यू अनिता मैने पूरा वीर्य उसकी चूत मे छोड़ दिया मेरा काफ़ी सारा माल उसकी चुत मे था.

बिस्तर पे कुछ देर हम शांत पड़े रहे वो मेरे बालों को सहला रही थी नंगे पड़े हुअनिता करीब 20 मिनट बाद मैने उसे फिर से चोदा बाद मे वो घर जाने लगी तो ठीक से चल नही पा रही थी मैने उसे कहा तुम ठीक तो हो वो सिर्फ़ मुस्कुराते हुए. अनिता चली गई उसके बाद मैं भी जॉब छोड़ के मुंबई आ गया हू पर आज भी उसको मिस कर ता हू रूम पारटनर से पता चला कि उसकी शादी हो चुकी है पर मुझ पर आज भी अनिता का नशा सवार है.

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